सोलन। राधा स्वामी सत्संग मैदान सोलन के ठीक ऊपर पहाड़ी पर बसे करीब आधा दर्जन मकानों में दरारें आ गई हैं। इसकी वजह से स्थानीय निवासियों ने अपने घर खाली करने शुरू कर दिए हैं। इस बारे में मंगलवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
प्रतिनिधि में पंचायत प्रधान व प्रभावित ग्रामीण शामिल रहे। ग्रामीणों ने बताया कि सत्संग मैदान के लिए खुदाई की गई है। इसकी वजह से उनके घरों की तरफ की जमीन लगातार धंस रही है। जमीन के धंसने की वजह से घरों में दरारें पड़ गई हैं और यह दरारें लगातार बढ़ रही हैं। भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। कभी भी उनके मकान धराशायी हो सकते हैं। इसी डर की वजह से अब तक तीन मकान खाली हो चुके हैं। जबकि अन्य ने भी अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है।
पीड़ित सुनील गुप्ता ने बताया कि सत्संग मैदान के लिए काटी गई पहाड़ी की वजह से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। पलायन का खतरा मंडराने लगा है। उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सत्संग मैदान की कटिंग रोकी जानी चाहिए और लोगों के घरों को बचाने के लिए रिहायशी क्षेत्र की तरफ दीवार लगाई जानी चाहिए। स्थानीय निवासी संतोख सिंह और अमर सिंह समेत एक अन्य ने मकान खाली कर दिया है। जबकि मीना गर्ग, शशि भटनागर, शांता गुप्ता व पूर्ण चंद के मकान भी खतरे की जद में हैं। प्रभावितों का कहना है कि करीब एक वर्ष पूर्व मैदान की कटाई के बाद दरारें आनी शुरू हुई थीं। इसकी शिकायत राधा स्वामी सत्संग व्यास से की गई। लेकिन, डेरा की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया।
राधा स्वामी सत्संग ब्यास की सोलन शाखा के सचिव परमजीत सिंह का कहना है कि डेरा किसी रूप में लोगों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहता है। उन्होंने कहा कि भूस्खलन की वजह जानने के लिए विशेषज्ञों की टीम सोलन बुलाई गई है। यह टीम जांच के बाद जो भी निर्णय देगी उसे अमल में लाया जाएगा। जिन घरों में दरारें आई हैं यदि वे संभाले जा सकेंगे तो उनका सही ढंग से रखरखाव किया जाएगा। अन्यथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इस संदर्भ में उन्होंने जिला प्रशासन को भी अपना जवाब सौंप दिया है।