सोलन।
अप्रैल की शुरूआत में पारा 25 डिग्री को पार कर रहा है। समय से पहले आई गर्मी और सर्दियों में बर्फबारी न होने का असर पेयजल सप्लाई पर भी पड़ने वाला है। ऐसे में शहर के एक लाख लोगों को आने वाले दिनों में पेयजल किल्लत का इंतजाम अपने बूते करना होगा।
मौसम की बेरुखी के बावजूद नगर परिषद ऐसे पुख्ता प्रबंध नहीं कर पाई है जिससे पानी की किल्लत होने पर सप्लाई की अतिरिक्त व्यवस्था हो सके। शहर में पेयजल सप्लाई का जिम्मा नगर परिषद के पास है। नगर परिषद सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग ने रोजाना करीब 18 लाख गैलन पानी लेकर शहर की प्यास बुझा रही है। सोलन शहर को गिरि और अश्वनी खड्ड से पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। लेकिन बर्फबारी न होने की वजह से दोनों की पेयजल योजनाओं में पानी की कमी महसूस हो रही है। आने वाले दिनों में जलस्तर कम होता है तो इसका सीधा असर सोलन शहर की पेयजल सप्लाई पर पड़ेगा। ऐसे में नगर परिषद नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं करवा पाएगी।
गौरतलब है कि सोलन शहर में तीन मुख्य पेयजल भंडारण टैंक हैं। इनकी क्षमता आठ से 12 लाख गैलन है। इन टैंकों की मदद से नगर परिषद शहर में एक लाख लोगों की प्यास बुझा पा रही है। लेकिन टैंकों के अलावा सोलन शहर के लिए पेयजल का दूसरा कोई प्रबंध नहीं है। इसके चलते पेयजल के मुख्य स्रोत गिरि और अश्वनी खड्ड में होने वाली किसी भी हलचल का सीधा असर पेयजल सप्लाई पर पड़ता है। पिछले साल गर्मियों से बरसात तक शहर में लोगों ने भीषण सूखे का सामना किया था। आलम यह था कि नियमित सप्लाई का दम भरने वाली नगर परिषद महीने में दो से तीन बार ही पेयजल आवंटन कर पा रही थी। पूरा शहर टंकियों या फिर बाजार में उपलब्ध बोतल बंद पानी पर निर्भर हो गया था।
सोलन में पेयजल का प्रबंध
सोलन शहर में तीन मुख्य टैंक हैं। इनकी क्षमता आठ से 12 लाख गैलन है। नगर परिषद सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से रोजाना 18 लाख गैलेन पानी लेती है। इसे शहर के एक लाख लोगों की प्यास बुझाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
ये है नगर परिषद की योजना
सोलन शहर में नगर परिषद पेयजल भंडारण पर 58 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। हर वार्ड में आस्ट्रेलियन तकनीक से टैंकों का निर्माण किया जाएगा। नालियों की हालत बेहतर होगी। पेयजल पाइपों को नालियों से बाहर किया जाएगा। आस्ट्रेलियन तकनीक केे टैंकों में प्लास्टिक और फाइबर की शीट लगाई जाएगी। इससे इनकी उम्र 80 साल तक रहेगी।
पिछली बार गाद से हुई दिक्कत : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर का कहना है कि पिछली बार बरसात जल्दी आ आई थी। बारिश से दोनों खड्डों में गाद जमा हो रही थी। गाद का असर पेयजल पर पड़ा था। उन्होंने बताया कि सोलन शहर में जून तक परेशानी नहीं आएगी। जुलाई और अगस्त में पेयजल किल्लत हो सकती है। उन्होंने बताया कि शहरवासियों को पेेयजल की दिक्कत न हो इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।