सोलन। कुंदला में निजी भूमि से पेड़ काटने के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वन विभाग की शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में जमीन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में उन लोगों के नाम भी शामिल किए हैं जो मौके पर पेड़ काटते हुए पाए गए थे। बताया जा रहा है कि जमीन की मालकिन काफी सालों से जिले के बाहर रह रही है और जमीन की देखभाल के लिए कम ही आना-जाना होता है। उन्होंने जमीन की देखभाल का जिम्मा स्थानीय लोगों को दे रखा है। लेकिन वन विभाग ने जब दबिश दी थी तो पेड़ काटने में लगे मजदूरों ने मालिक के आदेश पर ही पेड़ काटने की बात उनके समक्ष कही। इस वजह से वन विभाग ने पुलिस को भी यही रिपोर्ट पेश की है।
वन विभाग ने हिमाचल प्रदेश लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट (एलपी) के तहत इस मामले में कार्रवाई शुरू की है। पुलिस इस एक्ट के अलावा वन अधिनियम 31, 32, 41 व 42 के तहत मामले की छानबीन कर रही है। वीरवार को वन और पुलिस विभाग की टीमें निजी भूमि पर किए गए वन कटान की जांच के लिए मौके पर मौजूद रही। तीन दिन से लगातार चल रही जांच में अब आए दिन नया खुलासा हो रहा है। निजी भूमि पर वन विभाग की इजाजत लिए बगैर 93 हरे पेड़ काट दिए थे। पेड़ों को काटने की सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को दे दी और वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को कब्जे में ले लिया। विभाग ने पेड़ों की संख्या और उनकी मोटाई तथा लंबाई के हिसाब से पैमाइश की है।
जमीन मालिक पर दर्ज करवाया केस : आरओ
वन विभाग के रेंज ऑफिसर दौलत राम ने कहा कि जमीन की मालकिन और पेड़ काटने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है। वन विभाग भी अपने स्तर पर मामले की छानबीन कर रहा है। विभाग की पूरी टीम मौके पर है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। कहा कि पेड़ों की कीमत का आकलन किया जा रहा है।
कोर्ट से होगा लकड़ी का फैसला
मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब 93 पेड़ों की लकड़ी का इस्तेमाल कोर्ट से फैसला आए बगैर नहीं हो पाएगा। इस मामले में यदि जमीन मालिक समय रहते वन विभाग की ओर से लगने वाले जुर्माने की अदायगी कर देता तो बड़ी कार्रवाई को टाला जा सकता था। लेकिन जमीन मालिक के मौजूद न होने से जुर्माना अदा नहीं हो पाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने इसकी एफआईआर भी दर्ज करवा दी है।
एफआईआर दर्ज कर ली है : एएसपी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार ने कहा कि पुलिस ने बुधवार देर शाम को इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस वन अधिनियम और लैंड प्रिजर्वेशन एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वन विभाग की शिकायत के बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ रही है।