मालरोड पर अवैध निरमाण को लेकर बातचीत करते एसडीएम।
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सोलन। शहर के मालरोड पर अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उच्च न्यायालय के निर्देश पर कब्जे हटाने के बाद खाली हुई जगह पर स्थानीय दुकानदारों ने निर्माण कार्य शुरू किया था। मस्जिद गली के ठीक सामने मालरोड पर खुलती सीढ़ियों के पास यह निर्माण किया जा रहा था। निर्माण के बाद मंगलवार को इस बारे में प्रशासन को शिकायत की थी। बुधवार तड़के एसडीएम सोलन पूरे लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने निर्माण कार्य को रुकवा दिया। इस मौके पर कारोबारियों ने एसडीएम को बताया कि गाड़ियों की पार्किंग रोकने के लिए वे निर्माण करवा रहे हैं। इस जगह निर्माण करवाया जा रहा है उसे खाली रखा जाएगा।
सामान चढ़ाने या उतारने के लिए इस प्वाइंट का इस्तेमाल होगा। कारोबारियों ने बताया कि इस प्वाइंट को पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस वजह से उन्होंने निर्माण कार्य शुरू करवा दिया लेकिन जब एसडीएम ने इस बारे में नप से इजाजत लेने के बारे में पूछताछ की तो दुकानदार कोई जवाब नहीं दे पाए। दरअसल, यह निर्माण नप की इजाजत के बगैर ही शुरू कर दिया था। कुछ समय पूर्व उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासन और नप ने मिलकर मालरोड को खाली करवाया था। इस दौरान कई कब्जे हटाए गए। कब्जे वाली जगह खाली होने की वजह से यहां दोबारा से निर्माण शुरू हो गए हैं। इसे देखते हुए बुधवार को प्रशासन ने यह कार्रवाई की है।
रुकवा दिया है निर्माण कार्य : एसडीएम
एसडीएम आशुतोष गर्ग ने बताया कि मालरोड पर निर्माण कार्य किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद मुआयना किया है। मौके पर जाकर निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। यही नहीं जो ढांचा खड़ा किया गया है उसे ढहाने को कहा है। सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण बिना इजाजत नहीं किया जा सकता। मस्जिद गली के साथ यह निर्माण बिना किसी स्वीकृति के जारी था।
प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध नहीं : गुप्ता
व्यापारमंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर मालरोड खाली करवाया था, उस समय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे। अब दोबारा से कब्जा होने जा रहा है तो इसे रोकना प्रशासनिक कार्रवाई का हिस्सा है। व्यापारमंडल का इस मसले से कोई लेनादेना नहीं है। प्रशासन यदि उच्च न्यायालय के आदेशों पर अमल कर रहा है तो यह प्रशासनिक कार्रवाई की श्रेणी में गिना जाएगा।