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सोलन नगर परिषद में रेहड़ी के परमिट सबलेट करने पर बवाल

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सोलन। नगर परिषद सोलन में रेहड़ी के परमिट सबलेट करने पर बवाल मच गया है। नगर परिषद की विशेष बैठक में मुख्यालय में चल रही सभी रेहड़ियों को सबलेट करने का फैसला किया था। इस फैसले के बाद पार्षदों में विरोध शुरू हो गया है। विशेष बैठक से गैरहाजिर रहे तीन पार्षदों समेत कुल पांच पार्षदों ने इस फैसले पर आपत्ति दर्ज की है। पार्षदों के विरोध के बाद नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने भी फैसले पर अंतिम मुहर लगाने से इंकार कर दिया है। हालांकि इससे पूर्व बैठक में बहुमत के साथ परमिट सबलेट करने के फैसले को पारित कर दिया था।
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नगर परिषद सोलन में कुल 144 पंजीकृत रेहड़ी धारक हैं। नगर परिषद ने इन सबकी पड़ताल करने के लिए विशेष बैठक बुलाई थी। इसमें चर्चा के बाद परमिट सबलेट करने पर मुहर लग गई। सोलन शहर में रेहड़ी-फड़ी धारकों के लिए वेंडर जोन की मुहिम चल रही है। इसमें उम्मीद लगाई जा रही है कि परमिट धारकों को दुकानें वितरित की जाएंगी। अब इन दुकानों को लेकर पूरा फसाद शुरू हुआ है।
शहर में 144 परमिट बांटने के बावजूद नप सिर्फ 40 लोगों की पहचान ही कर पाई है। उन्हें ही पहचान पत्र जारी किए हैं। नगर परिषद में 144 में से 40 लोग ही परमिट का सही इस्तेमाल कर रहे हैं। अन्य ने अपने परमिट पहले से ही सबलेट कर रखे हैं। नप के पूर्व अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि परमिट सबलेट करने का फैसला स्वीकार नहीं होगा। हाउस की बैठक में इस पर चर्चा होगी। यह जरूरतमंद और गरीब लोग सोलन के हैं कोशिश रहेगी कि उन्हें रेहड़ी के परमिट मिले। अभी भी पांच पार्षद इस निर्णय के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इस मसले पर वे सभी हाउस की बैठक में जवाब देंगे।
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ये है फसाद की असली वजह
नगर परिषद वेंडर जोन बनाने की ओर बढ़ रही है। इसमें शहर के रेहड़ी-फड़ी धारकों को स्थान सुनिश्चित किया जाएगा। लेकिन नप के वेंडर जोन में केवल उन्हीं 144 लोगों को जगह मिलेगी जिनके नाम पर परमिट जारी हुए हैं। अन्य आम लोग जो सड़क पर रेहड़ी या फड़ी लगाकर किसी दूसरे के परमिट पर गुजारा कर रहे हैं उन्हें हटाया तो जाएगा लेकिन वे नई जगह बस नहीं पाएंगे। नप के कुछ पार्षद परमिट सबलेट करने की आजादी चाहते थे ताकि जो लोग रेहड़ी चला रहे हैं या नहीं चला रहे वे मनमर्जी से अपने परमिट आगे बेच सकते और उसी मुताबिक वेंडर जोन में जगह सुनिश्चित होती।

रेहड़ी न चलाने वाले परमिट करें सरेंडर : ईओ
नप के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि परिषद की विशेष बैठक बुलाई थी। इसमें परमिट सबलेट करने को लेकर चर्चा हुई है। लेकिन इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। इस पर फैसला हाउस की बैठक में होगा। लेकिन परमिट सबलेट करने का कानून में कोई प्रावधान नहीं है, जो लोग रेहड़ी नहीं चला सकते हैं वे अपना परमिट नप के पास सरेंडर कर दें।

नप करेगी 144 परमिट धारकों की खोज : नेगी
नगर परिषद की रेहड़ी फड़ी धारकों की 144 सदस्यों वाली सूची में कई नाम ऐसे भी हैं जिनके पास दो-दो परमिट हैं। कुछ के पास अपनी दुकानें हैं और अलग से वे रेहड़ी का परमिट हासिल किए हुए हैं। कई सरकारी नौकरी से जुड़े होने के बावजूद रेहड़ी धारक हैं। नप के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि नगर परिषद ऐसे लोगों का पता लगाकर उनके परमिट रद्द करेगी। यदि किसी पार्षद के नाम पर रेहड़ी का परमिट पाया गया तो उसकी सदस्यता भी रद्द हो सकती है।
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