सोलन। जिले में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण करीब 60 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें बारिश से जिले में लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, विद्युत बोर्ड, कृषि तथा बागवानी विभागों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसका खुलासा शुक्रवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय दल ने दौरा किया।
दल के सदस्यों ने इस दौरान किसानों एवं बागवानों से बातचीत कर नुकसान की जानकारी भी प्राप्त की। दल का नेतृत्व केंद्रीय जल आयोग के अधीक्षण अभियंता पी दोरजे ने किया। केंद्रीय दल ने सोलन जिले के भोजनगर, धर्मपुर, सुबाथु, डगशाई, जौणाजी शिल्ली मार्ग तथा धारों की धार में बारिश के कारण हुए नुकसान का आकलन किया। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी संदीप नेगी ने बताया कि केंद्रीय दल ने सर्वप्रथम सोलन जिले के भोजनगर में भूस्खलन एवं वर्षा के कारण संपर्क मार्गों को हुए नुकसान का जायजा लिया। केंद्रीय दल ने लोनिवि के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा नई तकनीक का प्रयोग किया जाए। उन्होंने धर्मपुर स्थित सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की उठाऊ जलापूर्ति योजना में हुए नुकसान का आकलन किया। सुबाथू में भारी वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की पेयजल योजनाओं तथा बिजली के खंभों को हुए नुकसान का जायजा भी लिया। अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए। वहीं केंद्रीय दल द्वारा जौणाजी शिल्ली मार्ग तथा धारों की धार में हुए नुकसान का आकलन भी किया। बागवानी विभाग को लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस अवसर पर दल के सदस्य केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय में उप-सचिव रेखा चौहान, केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय में ईएलओ अभिलाष कुमार, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता संजीव कौल, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता अजय गुप्ता, विद्युत बोर्ड लिमिटेड सोलन के अधिशाषी अभियंता सीएस चावला, ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानु गुप्ता, तहसीलदार सोलन उतम चंद शर्मा, उपनिदेशक बागवानी बीएस गुलेरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।