परवाणू (सोलन)। परवाणू-शिमला फोरलेन के निर्माण के चलते पर्यटकों को मुश्किल का सामना न करना पड़े इसके लिए वैैकल्पिक मार्ग परवाणू-कामली-कुमारहट्टी पर यातायात को व्यवस्थित किया गया है। लेकिन, इस मार्ग पर पर्यटकों और आम लोगों दोनों को भय बना रहता है। इलाके में हल्की बारिश होने पर सड़क में जगह-जगह पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने लगता है। कई बार तो घंटों के लिए सड़क बाधित हो जाती है। सिंगल रोड होने के कारण यहां सफर करना जोखिम भरा हो जाता है। इस मार्ग को देखकर ऐसा कहीं भी नहीं लगता है कि विभाग ने इस रोड को फोरलेन के वैैकल्पिक मार्ग के तौर पर विकसित किया हो। यहां तक कि कामली गांव के पास तो बारिश में यह रोड नाले में तब्दील हो जाता है। एनएचआई ने वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के लिए लोक निर्माण विभाग को बजट जारी किया हुआ है ताकि इस मार्ग के तैयार होने पर फोरलेन के निर्माण कार्य के चलते गाड़ियों का दबाव कम हो और शिमला की ओर जाने वाले पर्यटकों को भी आने-जाने में मुश्किल न हो।
2016 में मुख्यमंत्री ने किया था भूमि पूजन
परवाणू-कामली-कुमारहट्टी रोड के सुधार व वैकल्पिक रूप में तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वर्ष 2016 में भूमि पूजन किया था। लेकिन, इसकी मौजूदा हालत देखकर नहीं लगता की इसका सुधार हुआ है। कामली खडीन गांव के बीच बने पुल की हालत इतनी खस्ता हो गई है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। पुल पर बनाई गई रेलिंग जगह-जगह से टूट गई है, बरसात के मौसम में पुल पर पानी इकट्ठा हो जाता है।
हिमाचल प्रदेश इंटक के अध्यक्ष व कामली निवासी यशपाल ठाकुर का कहना है कि फोरलेन के कार्य के चलते परवाणू-कामली-कुमारहाटी वैकल्पिक रोड पर सफर करना जोखिम भरा है। हल्की बारिश में ही रोड के साथ लगती पहाड़ियों से मलबा व पत्थर गिरने लगते हैं जिससे रोड पर जगह-जगह मलबे के ढेर लगे हुए हैं।
कामली निवासी अनोखी राम का कहना है कि इलाके में बारिश होने से कामली के पास रोड नाले में तब्दील हो जाता है जिससे वाहन तो दूर लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
अनिल कुमार का कहना है कि इतने तीखे मोड़ हैं की हमेशा दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पर्यटक तो दूर इस रोड पर आम लोगों को भी सफर करने में भय लगता है। संजय कुमार कहना है कि इस रोड पर कामली ब खड़ीन गांव में लगभग 50 से 60 उद्योग लगे हैं और उद्योगपतियों को कच्चा माल व तैयार किया हुआ माल लाने व ले जाने में भारी मुश्किल का सामना करना पड़ता है।
परवाणू-कामली-कुमारहाटी रोड पर गिरे हुए मलबे को समय-समय पर हटाया जा रहा है। रोड के जिस हिस्से पर टारिंग नहीं हुई है उस पर लॉक इन टाइलें बरसात के मौसम के बाद लगाई जाएंगी। मोड़ों को पहले से ज्यादा चौड़ा किया गया है।
बीएस राणा, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग