फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार पर ढाई करोड़ का जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
सोलन। जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट, बिना लाइसेंस कारोबार करने और कम गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने फरवरी तक 2,76,40,725 रुपये का जुर्माना ठोका है। इसका खुलासा शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2006 के सुचारु कार्यान्वयन के संबंध में आयोजित बैठक में हुआ। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सोलन केसी चमन ने की।
विज्ञापन

उपायुक्त ने खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता के आधार पर हाईजीन रेटिंग करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों के 102 सैंपल एकत्र किए गए। इनमें से 13 सैंपल की रिपोर्ट निम्न स्तर की पाई गई। इस दौरान 225 निरीक्षण किए गए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में 14 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 13 का निराकरण कर दिया है। इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि सभी को शुद्ध खाद्य पदार्थ मिलें। उन्होंने निर्देश दिए कि होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों में दी जा रहीं सुविधाओं की हाईजीन रेटिंग जारी की जाए।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एलडी ठाकुर ने बैठक की कार्यवाही का संचालन किया व विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा तय बनाने को लेकर उठाए कदमों के बारे में जानकारी दी। पुलिस उप अधीक्षक सोलन योगेश दत्त जोशी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. राजन उप्पल, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेंद्र तेगटा, जिला उद्योग केंद्र के प्रबंधक नितिन गुप्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन

व्यवसायिक को खाद्य लाइसेंस अनिवार्य
प्रदूषित खाद्य पदार्थों से सभी आयु वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। जो भी व्यक्ति व्यवसायिक या गैर-व्यवसायिक खाद्य पदार्थों के तैयार करने का कार्य करने में शामिल है, उसे पंजीकरण करवाना या लाइसेंस बनवाना अनिवार्य है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सभी खाद्य विक्रेता, मिड-डे मील वर्कर, शराब विक्रेता, आंगनबाड़ी केंद्र लाइसेंस बनाएं या पंजीकरण करवाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें