सोलन। बसाल पंचायत के गांव बावरा में इन दिनों तेंदुए की सक्रियता से लोगों में दहशत है। तेंदुए के आतंक के चलते महिलाएं घास और लकड़ी तक लाने तक नहीं जा पा रहीं। आलम यह है कि दिन के समय लोग घासनियों से घास तक नहीं ला पा रहे। रात के समय लोग अपने घर से बाहर तक नहीं निकल पा रहे।
तेंदुए ने ग्रामीणों द्वारा पाले कुत्तों को भी शिकार बनाना शुरू कर दिया है। आचार संहिता के चलते लोगों के लाइसेंस हथियार भी थानों में जमा हुए हैं। इसके चलते न तो वह अपनी फसलों की देखभाल जंगली जानवरों से कर पा रहे हैं और न ही कुत्तों की रक्षा। यहीं नही कई तेंदुआ कई बार लोगों पर भी झपट चुका है। लेकिन लोगों के चिल्लाने से उनकी जान बच गई। लोगों ने विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है।
स्थानीय लोग नरेंद्र सिंह, भगवान सिंह, कांति, कैसर सिंह, जितेंद्र, मोहन लाल, बाल मुकंद, सोमा देवी, पुष्पा, कांता, रीता, मीना, सीता, गुलाब सिंह और अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र में करीब 10 दिन से तेंदुए ने आतंक मचा रखा है। तेंदुआ दिन के समय घासनियों में दहाड़ता रहता है। इस कारण महिलाएं घासनियों में जाने से भी कतराती हैं। रात के समय तेंदुआ जंगल से गांव में पहुंच जाता है और कुत्तों को अपना शिकार बना रहा है। प्रधान देवेंद्र कश्यप ने कहा कि जल्द ही इस संबंध में वन विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।