नालागढ़ (सोलन)। अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी नालागढ़ की अदालत ने नालागढ़ उपमंडल की रिया एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसायटी के सचिव श्याम लाल को पैसों के गबन और 52 सदस्यों के जाली प्रोनोट तैयार करने के मामले में दोषी माना है। अभियुक्त को विभिन्न धाराओं के तहत एक-एक साल की सजा और हर धारा में 1000 रुपये जुर्माना लगाया है।
जुर्माना अदा न करने की सूरत में अतिरिक्त कारावास झेलना होगा। इस मामले की पैरवी करने वाले उप जिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने बताया कि श्याम लाल निवासी गांव रिया डाकघर गुल्लरवाला ने रिया एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसायटी का सचिव रहते हुए 2007-08 में 52 सदस्यों के नाम से जाली प्रोनोट तैयार कर सभा से प्रस्ताव पास करवाकर 5.15 लाख रुपये की राशि अपने पास रखी। इस कारण सभा की कुल 1,74,825 रुपये का नुकसान पहुंचाया।
सभा सचिव रहते हुए सभा सदस्यों की ओर से जमा करवाए पैसों को उनके खातों में जमा न करवाकर खुद इस्तेमाल किया। इस मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी कपिल शर्मा की अदालत ने सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए भादसं 409, 420, 467, 468 और 471 के तहत एक-एक वर्ष कारावास और 1000 रुपये प्रत्येक धारा के तहत जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।