सोलन। सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापकों को अब वित्तीय संबंधी मामलों के समाधान के लिए मुख्यालय का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा। मुख्य शिक्षक इन मामलों का खुद समाधान करेंगे। यही नहीं टैक्स से लेकर नई शिक्षा नीति तथा कंडक्ट रूल्स और छुट्टियों के नियमों में भी शिक्षकों को दक्ष किया जा चुका है। दरअसल प्रधानाचार्यों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद सोलन में इन तमाम मसलों पर प्रशिक्षण देकर अपटूडेट किया गया है। इस प्रशिक्षण शिविर में सिरमौर, शिमला, सोलन, ऊना, किन्नौर और बिलासपुर के नव नियुक्त प्रधानाचार्यों ने शिरकत की। इसमें छह जिलों के विभिन्न सीसे स्कूलों से आए 39 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। यह जानकारी कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अशोक गौतम ने दी।
उन्होंने बताया कि न्यू एजूकेशन पॉलिसी 2012 में यह प्रावधान किया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हर शिक्षक को शैक्षणिक कार्य के साथ अन्य मामलों में भी दक्ष किया जाए। इससे समस्याओं का स्कूल स्तर पर ही समाधान हो जाएगा। कार्यक्रम के सहायक समन्वयक डॉ. हेमंत कुमार ने कहा कि यह कार्यक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है कि अधिकतर छोटे मोटे काम के लिए शिक्षक मुख्यालय पहुंच जाते हैं। लेकिन इस प्रशिक्षण के बाद स्कूलों में ही इन समस्याओं का हल हो जाएगा।
शिविर में यह दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में सीसे स्कूलों के प्रधानाचार्यों को लाइफ स्किल कंडक्ट रूल्स, लीव रूल, सर्विस मैटर, ऑडिट आबजेक्शन एंड इट्स रिमूवल, प्रोफाइल ऑफ स्कूल हेड, विभागीय प्रक्रिया और अंडर स्टैंडिंग ऑफ स्ट्रेस आदि का शिक्षकों को शिविर में प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा वर्तमान शिक्षा प्रणाली और नैतिक मूल्य, योग और स्वास्थ्य, इनकम टैक्स आदि संवेदनशील विषयों पर शिक्षकों को दक्ष किया गया। शिविर में प्रो. वीना ठाकुर, डॉ. दीपक ठाकुर, आरके गुप्ता, डॉ. आरएन मेहता, प्रेम सागर शर्मा, प्रभात शर्मा और पूर्व हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड के पूर्व सचिव डॉ. एचसी सुमन ने शिक्षकों का मार्गदर्शन किया।
शिक्षक बोले, बहुत लाभ हुआ
कार्यक्रम के समापन पर रावमा स्कूल धुंदन के प्रधानाचार्य सरताज ठाकुर ने कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से उन्हें बहुत लाभ हुआ है। प्रधानाचार्यों को संबोधित करते हुए परिषद की प्राचार्य डॉ. द्वारिका धरेला ने कहा कि बेहतर गवर्नेंस के लिए यह प्रशिक्षण जरूरी है। इस अवसर पर प्रो. रीटा शर्मा, डॉ. टीआर भारद्वाज प्रो. वीना ठाकुर, हितेश और लायकराम ठाकुर मुख्य रूप से मौजूद रहे।