सोलन। शहर के लोग अब पार्क में टहलते-टहलते कई रोगों से भी छुटकारा पा सकेंगे। यही नहीं पार्क में औषधीय पौधों की सौंधी-सौंधी खुशबू भी आएगी। यह सब सुविधाएं शहर में बनने वाले पार्क में नगर परिषद मुहैया करवाने जा रही है। हरे भरे पौधों से लबरेज पार्क में युवा और वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य लाभ ले सकेंगे।
शहर के जवाहर पार्क सहित मोहन पार्क में सैर करने आने वाले लोगों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए नप एक्यूप्रेशर पद्धति वाले पत्थरों से एक ट्रैक बनवाएगा। इस पर लोग नंगे पांव चल कर स्वास्थ्य लाभ हासिल कर सकेंगे। इसके लिए नगर परिषद सोलन ने पत्थर भी मंगवा लिए हैं। अब नगर परिषद और स्थानीय लोगों की राय पर इन्हें बिछाने का काम शुरू किया जाएगा। भागदौड़ भरी जिंदगी में फुर्सत के दो पल बिताने लोग सुबह शाम पार्क में घूमने आते हैं। ऐसे में नप की कोशिश है कि लोगों को अधिक से अधिक लाभ मुहैया करवाया जाए। शहर में इन पार्कों के अलावा कोई ऐसा स्थल नहीं है जहां लोग घूम फिर सके। नप के अधीन आने वाले सोलन शहर में तीन पार्क आते है, जिसके तहत प्रथम चरण में मोहन पार्क और जवाहर पार्क में यह एक्यूप्रेशर पद्धति वाले स्टोन स्थापित होंगे। बाद में इसे सभी पार्कों में स्थापित किया जाएगा।
औषधीय पौधे भी लगेंगे
जवाहर, मोहन और चिल्ड्रन पार्क में सजावटी पौधों सहित औषधीय पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभाग से बात की जा रही है। यह पौधे 12 माह खिलने वाले होंगे। इससे जहां पार्कों की सुंदरता बनेगी वहीं औषधीय पौधो का भी लाभ मिलेगा। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
लोगों की राय पर शुरू होगा कार्य
नप के ईओ बीआर नेगी ने बताया कि नप ने शहर के पार्कों को सुंदर बनाने की मुहिम शुरू कर दी है। इससे लोगों को स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा। इसके लिए एक्यूप्रेशर पद्धति वाले पत्थर से एक पाथ तैयार किया जा रहा है। इसमें प्रथम चरण में यह पत्थर जवाहर पार्क और मोहन पार्क में लगेंगे। इसके लिए पत्थर का प्रावधान भी कर लिया है। जल्द ही सुबह और शाम की सैर करने वाले लोगों को इसकी सुविधा मिलेगी।
एक्यूप्रेशर पद्धति कैसे करती है काम
शरीर में मौजूद कुछ बिंदु ऐसे होते हैं जिनके दबाने से कई रोग ठीक हो सकते हैं। यह उपचार पुरातन जापानी पद्धति में शामिल है। इस पद्धति से शरीर की बीमारी के लिए प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। इसके लिए बाकायदा एक्यूप्रेशर पद्धति के शिविर भी आयोजित होते है और कई लोग इस पद्धति के माध्यम से स्वास्थ्य उपचार लेते है।