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सोलन के मालरोड पर छह साल बाद बर्फबारी, चायल में फंसीं बसेें

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सोलन। जिला सोलन के डमरोह, करोल, चायल व कसौली ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। यहां मंगलवार को दिनभर बर्फबारी होती रही। बर्फबारी का नजारा शहर के मालरोड पर भी देखने को मिला। यहां बर्फ के फाहे लगातार गिरते रहे। सोलन शहर में करीब छह सालों बाद बर्फबारी का नजारा देखने को मिला। हालांकि शहर में बर्फ की परत ज्यादा देर तक नहीं टिकी। लेकिन, आसपास की पहाड़ियां पूरी तरह से बर्फ से ढक गई हैं। सोलन के आसपास करीब 12 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई है। बर्फबारी जारी रहने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। जिला भर में सोमवार देर शाम से शुरू हुई बारिश से शुष्क ठंड से लोगों को राहत मिली है।
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बर्फबारी के कारण हिमाचल पथ परिवहन निगम के तीन रूट प्रभावित हुए हैं। सोलन-विजमल, सुंदल-शिमला, शिमला-भूट्टी के रूट प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा चायल के संपर्क मार्ग सहित चायल-कुफरी-गौड़ा मार्ग भी बर्फबारी के कारण बंद हो गया है। चायल से कुफरी जाने वाली निजी व सरकारी बसें चायल बस स्टैंड में फंसी हुई हैं। चायल, कसौली, करोल सहित अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में जहां काफी मात्रा में बर्फबारी हुई है। इसके साथ ही अर्की के बाड़ीधार समेत घणागुघाट धार में भी ताजा बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पढ़ रही है। वहीं सोलन में कई वर्षों बाद बर्फ के फाहे गिरते ही लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। बर्फ के फाहे देखकर स्थानीय कारोबारियों और पर्यटकों के चेहरे खिल उठे। लोग बर्फबारी में सेल्फी लेते दिखाई दिए।
किसानों की मानें तो यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। अब बागवान भी प्लम, खुमानी, सेब, आडू सहित अन्य पौधों की रोपाई का कार्य कर सकते हैं। बारिश और बर्फबारी से जिला सोलन में ठंड बढ़ गई है। सूखे के चलते किसानों की 40 फीसदी फसल चौपट हो गई है। मटर, गेहूं, धनिया, मैथी, लहसुन सहित अन्य रबी की फसलों के लिए बारिश और बर्फबारी फायदेमंद साबित होगी।
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