अर्की (सोलन)। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ अर्की खंड की बैठक में शिक्षकों के युक्तिकरण प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया गया। बैठक प्रधान अश्वनी कुमार की अध्यक्षता में प्राथमिक स्कूल अर्की में हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षामंत्री को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। मांग की गई कि प्राथमिक शिक्षकों की हर साल की जाने वाली युक्तिकरण प्रक्रिया पूर्णतया बंद होनी चाहिए। प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कक्षाओं के आधार पर अध्यापक की नियुक्ति होनी जरूरी है।
प्राथमिक शिक्षक संघ प्रत्येक स्तर पर युक्तिकरण का विरोध करता है और प्राथमिक शिक्षा के उत्थान तथा गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए अध्यापकों की संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए। प्राथमिक सहायक अध्यापक लगभग 14-15 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ ने इनके नियमितीकरण की मांग भी की है। इसके अलावा वर्ष 2011 के बाद प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में सभी पदोन्नति प्लेसमेंट के आधार पर की है। माननीय उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार सभी पदोन्नतियों को नियमित करने आग्रह किया। एसीपी स्कीम 4-9-14 के तहत 7-7-14 और 9-9-14 की सभी अधिसूचनाएं प्रदेश सरकार द्वारा जारी की थी उन अधिसूचनाओं को निरस्त करने की मांग की गई ताकि 4-9-14 का लाभ कर्मचारियों को मिल सके।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ अर्की खंड के महासचिव योगेश वर्मा ने बताया कि अक्टूबर 2012 से मुख्य शिक्षकों को देय वेतन वृद्धि के बारे में जारी की अधिसूचना में बार-बार आग्रह करने के बाद भी आज दिन तक सुधार नहीं किया है। इस अवसर पर रमेश चंद शर्मा, भगतराम ठाकुर, विजय गुप्ता, महेश गर्ग, गगन चतुर्वेदी, पवन शर्मा, अकबाल भाटिया, योगेश कुमार और रमन कंवर सहित कई लोग मौजूद रहे।