सुबाथू (सोलन)।
छावनी परिषद सुबाथू में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों नेे परिषद के अंतिम फरमान के बाद खुद ही अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया है। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों के बाद परिषद ने भी सख्ती दिखाई है।
अवैध कब्जा करने वाले करीब 30 लोगों को नोटिस के बाद परिषद के कर्मचारी रोजाना कब्जाधारियों पर नजर रख रहे हैं। सुबाथू के करीब चार लोगों ने स्वयं ही घरों के आगे बने शौचालयों और सीढ़ियों को तोड़ दिया है। इस बारे में छावनी अधीक्षक चिरनजी लाल ने बताया कि छावनी परिषद के नोटिस के बाद अवैध कब्जा करने वाले स्वयं ही कब्जा हटा रहे हैं। उन्होंनेे बताया की परिषद की ओर से करीब 30 नोटिस दिए हैं। जबकि चार लोगों ने कब्जे हटाए हैं। दो दिसंबर के बाद छावनी परिषद आदेशों को पालन न करने वाले कब्जाधारियों पर कार्रवाई करेगा। जिन लोगों को अवैध कब्जों को लेकर नोटिस जारी हुए हैं उनमें से ज्यादातर ने बोर्ड की जमीन पर शौचालय और अन्य निर्माण कर रखे हैं। निर्देश मिलते ही लोग अपने निर्माण धीरे-धीरे हटाने लगे हैं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि दो दिसंबर के बाद शुरू होने वाली कार्रवाई में किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
लोगों ने निर्माण गिराना किया शुरू : पार्षद
छावनी बोर्ड की पार्षद शकुन चौहान ने कहा कि जिन लोगों को नोटिस दिए थे। उनमें से कुछ ने खुद ही निर्माण गिराने शुरू कर दिए हैं। जो भी कब्जे हैं उनमें से अधिकतर शौचालय हैं। इनके गिराने के बाद अब इन परिवारों समेत अन्य के लिए सुबाथू को खुले में शौच मुक्त रखना एक चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की बैठक में वे लोगों की इस समस्या का तर्क भी रखेंगी।