लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई किसानों की परेशानी
खेतों में पानी खड़ा होने से पीली होने लगी फसल, धूप न मिलने से रुकी ग्रोथ
अमर उजाला ब्यूरो
नालागढ़ (सोलन)। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिशों के क्रम से अब किसानों को अपनी फसलों की चिंता सता रही है। अत्यधिक बारिशें किसानों के खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। खेतों में पानी के खड़े होने और फसलों को धूप न मिलने से फसलों की पैदावार नहीं हो पा रही है और यह पीली भी पड़ने लगी है। उस पर मौसम विभाग की मानें तो आगामी पांच दिनों में मौसम के परिवर्तनशील रहने के साथ एक दो स्थानों पर वर्षा होने की संभावना है। किसानों ने इन दिनों चने, गेहूं, सरसों के अलावा सब्जियों की खेती की हुई है, लेकिन अत्यधिक बारिशें इन फसलों के लिए अब नुकसानदायक साबित हो रही है। किसानों की मानें तो पहाड़ी क्षेत्रों में ढलानदार खेतों में से तो बारिश का पानी खड़ा न होकर निकल जाता है लेकिन मैदानी क्षेत्रों व सीधे खेतों में पानी का जमा होना फसलों के लिए नुकसानदायक है।
नालागढ़ क्षेत्र दो इलाकों में बंटा हुआ है जिसमें पहाड़ी व मैदानी क्षेत्र आता है। सिंचाई सुविधा वाली जमीन 4861 हेक्टेयर है जबकि 6270 हेक्टेयर भूमि बीजाई कार्य के लिए बारिश पर निर्भर करती है।
सूत्रों के अनुसार सिंचाई सुविधा वाली 4861 हेक्टेयर भूमि के अंतर्गत मंझौली, राजपुरा, ढांग, जगातखाना, निहली ढांग, ढाणा, सनेड़, भाटियां, दभोटा, नवांग्राम, पंजैहरा, जोघों, जगतपुर, बैरछा, बघेरी, खिल्लियां, घोलोंवाल, करसौली, गुल्लरवाला, बरूणा आदि कई गांव आते हैं। इस बारिश ने खासतौर पर मैदानी इलाकों के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र के किसान योगेश शर्मा, प्रेम चौधरी, अवतार सिंह आदि ने बताया कि अत्यधिक मात्रा में हो रही बारिश फसलों के लिए नुकसानदायक होने लगी है। खेतों में पानी खड़ा हो रहा है और धूप न लगने से फसलों की ग्रोथ नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि आगामी दिनों में बारिश का ऐसा ही क्रम रहा तो फसलों को और अधिक नुकसान हो सकता है।
नुकसानदायक साबित हो रही बारिश
कृषि विषय वाद विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने कहा कि बारिश के बने इस क्रम से यह फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। किसान खेतों से जल निकासी का प्रबंध करें। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होने के साथ ही समस्या समाप्त हो जाएगी।
उधर, नौणी विवि के पर्यावरण विभाग के एचओडी डॉ. एस के भारद्वाज ने कहा कि आगामी पांच दिनों में मौसम के परिवर्तनशील रहने के साथ एक दो स्थानों पर वर्षा की संभावनाएं हैं।