श्रम कार्यालय में बाहरी व्यक्ति कर रहे सरकारी कंप्यूटर का प्रयोग
विभाग की सूचनाएं सहित अन्य डाटा लीक होने की भी संभावना
श्रम विभाग के अधिकारी बने मूकदर्शक, नहीं हो रही कोई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। बद्दी में श्रम विभाग के कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। झाड़माजरी स्थित विभाग के कार्यालय में बाहरी लोग सरकारी कंप्यूटर पर बैठ कर कार्य कर रहे हैं और श्रम विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ऐसे में जहां श्रम विभाग का डाटा लीक होने की संभावना है, वहीं सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ होने से भी इंकार नहीं किया जा सकता। श्रम अधिकारी इस बात से साफ इंकार कर रहे हैं कि कोई बाहरी व्यक्ति कंप्यूटर पर नहीं बैठता है। उनका दावा है कि बोर्ड के कर्मचारी ही इसका संचालन करते हैं। किसी भी विभाग के सरकारी कार्यालय में कोई बाहरी व्यक्ति अधिकारी या कर्मचारी की सीट पर नहीं बैठ सकता, लेकिन बद्दी के श्रम विभाग के कार्यालय में इसकी पूरी छूट है। कोई भी व्यक्ति यहां के कंप्यूटरों पर बैठ कर कुछ भी जानकारी हासिल कर सकता है। शुक्रवार को उस वक्त सामने आया जब कई कंपनियों की कंसल्टेंसी करने वाला एक प्रवासी व्यक्ति श्रम विभाग के सरकारी कंप्यूटर पर बैठ कर कार्य कर रहा था। हैरानी की बात तो यह है कि उस वक्त श्रम अधिकारी भी अपने कार्यालय में मौजूद थे। सरकारी डाटा चोरी, लीक या डिलीट भी किया जा सकता है।
दोषी पाए जाने वाले अधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई
भारतीय मजदूर संघ के जिला सचिव हरबंस राणा और बीएमएस के पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येंद्र नाथ भनोट ने सरकारी कार्यालय में बाहरी लोगों के बैठने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के बगैर यह संभव नहीं है। श्रम अधिकारी मनीष करोल ने साफ कहा कि कोई बाहरी व्यक्ति सरकारी सीट पर नहीं बैठ सकता। उन्होंने कहा कि कार्यालय के क्लर्क के पदोन्नत होने के बाद इस सीट पर बोर्ड के कर्मचारी को बिठाया गया है।
श्रम आयुक्त डा. एसएस गुलेरिया से पूछा गया तो उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई और कहा कि इस मामले में संबंधित कार्यालय के अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बद्दी कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे तुरंत स्थापित करने के आदेश दिए जाएंगे।