परवाणू (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में डेंगू का प्रकोप दिनप्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ताजा आंकड़ों में मंगलवार तक स्थानीय ईएसआई अस्पताल में बुखार से पीड़ित लगभग 37 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इन सभी के टेस्ट किए गए। इनमें 15 मरीज डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं। कालका शहर के 6, परवाणू के सेक्टर 3, पुरला के 3, उच्चा परवाणू के 2, कामली का एक मरीज शामिल है। अभी तक डेंगू के मरीजों की तादाद 47 तक पहुंच गई है। इनमें अभी तक कालका के 20, सेक्टर-3 ( पुरला) के 13, परवाणू के साथ लगते टकसाल गांव के 6, उच्चा परवाणू के 4, चंद्रेनी का 1, सेक्टर-5 का 1, सेक्टर-1 का 1 व स्थानीय पुलिस लाइन के साथ लगते स्लम एरिया का एक मामला सामने आ चुका है।
गौरतलब है पिछले साल प्रदेश में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले परवाणू से सामने आए थे और लगभग 400 का आंकड़ा छुआ था। इस साल भी परवाणू व इसके आसपास ग्रामीण इलाके में डेंगू ने गति पकड़ना शुरू कर दी है। यहां डेंगू के पैर पसारने के पीछे सबसे बड़ी वजह अव्यवस्था व साफ-सफाई सही ढंग से नहीं होना रही है। परवाणू के साथ लगते टकसाल गांव, कामली व उच्चा परवाणू में सबसे ज्यादा झुग्गियां हैं। इनमें साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं है। इनके आसपास पानी इकट्ठा रहता है और लोग शौच भी खुले में जाते हैं।
ईएसआई के कार्यकारी अधिकारी विनोद कपिल ने कहा कि परवाणू व आसपास के इलाके से डेंगू के लगभग 47 मामले अभी तक सामने आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि रोजाना अस्पताल की ओपीडी में बुखार से ग्रस्त मरीज आ रहे हैं और उनका टेस्ट मुफ्त में किया जा रहा है। इससे बचने के लिए लोगों को खुद ही सावधानी बरतने की जरूरत है।
परवाणू नगर परिषद के अध्यक्ष ठाकुर दास शर्मा ने बताया कि नगर परिषद ने शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी फॉगिंग का कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार को परवाणू परवाणू के सहायक आयुक्त एसपी जसवाल ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए परवाणू में 6 टीमों का गठन किया गया है। जो रोजाना अपनी रिपोर्ट बना रही हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोग जागरूक होंगे तो यह बीमारी नहीं पनप सकेगी।