अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
डा. यशवंत सिंह परमार उद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में 27 और 28 अक्तूबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन होगा। पादप रोग विज्ञान विभाग (प्लांट पैथोलॉजी) रोग प्रबंधन में जैव-तर्कसंगत दृष्टिकोण विषय पर चर्चा करवाएगा। यह संगोष्ठी इंडियन सोसायटी ऑफ प्लांट पैथोलॉजी और हिमालयन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसाइटी के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीडीजी (बागवानी) डॉ. एके सिंह बतौर मुख्यअतिथि शिरकत करेंगे। जबकि एडीजी आईसीएआर डॉ. पीके चक्रवर्ती गेस्ट ऑफ ऑनर रहेंगे।
नौणी के उपकुलपति डॉ. एचसी शर्मा समारोह की अध्यक्षता करेंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य रोग प्रबंधन के पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित करना है। देश के अलग-अलग हिस्सों से वैज्ञानिक, रोग प्रबंधन के प्रमुख मुद्दों पर बात करेंगे। इसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू और कश्मीर, गुजरात, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के 150 वैज्ञानिक और छात्र भाग लेंगे। इसमें किसानों, वैज्ञानिकों और निजी उद्यमियों के बीच विचार-विमर्श के लिए भी एक सत्र होगा।
संगोष्ठी के आयोजन सचिव डा.ॅ एचआर गौतम ने बताया कि तकनीकी सत्रों में पौध रोगों के जैव-तर्कसंगत प्रबंधन, पौधे रोग प्रबंधन में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका, बागवानी फसलों पर होने वाली बीमारियों की जलवायु परिवर्तन की स्थिति विषयों पर वैज्ञानिक राय बताएंगे। इसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रैस मैनेजमेंट रायपुर के डॉ. जे कुमार, आईएआरआई के प्लांट पैथोलॉजी डिविजन के हेड डॉ. रश्मि अग्रवाल, पीएयू लुधियाना के प्लांट पैथोलॉजी विभाग के पूर्व हेड डॉ. टीएस थिंड, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेज रिसर्च के डॉ. केएस हुड्डा और फ्रांस के डॉ. बर्नाड पॉल भाग लेंगे।