अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला हाईवे पर शनिवार को एक चलती कार पर पत्थर आ गिरा जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में कार सवार परिवार बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद पूरे मार्ग पर लंबा जाम लग गया। वाहन धीमी गति से गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। एक सप्ताह में पहाड़ से चलते वाहन पर पत्थर गिरने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले बस पर पत्थर गिरने से बोनट में बैठा यात्री घायल हो गया था। बारिश से पहाड़ से बड़े पैमाने पर पत्थर-मलबा खिसक पर हाईवे तक पहुंच रहा है।
इससे वाहन चालकों की जान आफत में फंस रही है।
जानकारी के अनुसार कार के मालिक सौरव खुराना निवासी सहारनपुर सरसावा में ऐयरफोर्स में डेंटल अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी और एक साल का बच्चा भी कार में था। वह कसौली घूमने आए थे और घर वापस जाने के लिए हाईवे पर जाबली तक निकल गए थे। अचानक सहारनपुर जाने के लिए वाया नाहन अपने दोस्त के पास रुकने का मन बनाया और वह वापस आ गए। जब वे सनवारा पहुंचे तो पहाड़ से पत्थर गिरने शुरू हो गए और एक पत्थर ने उनकी कार को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद कार को पुलिस और फोरलेन कर्मचारियों की मदद से निकाला।
इससे पहले भी अचानक भारी बारिश के कारण ओवरब्रिज के साथ कच्चा लाल मिट्टी के पहाड़ खिसकने से एक वाहन उसकी चपेट में आ गया था। यह घटना पिछले सोमवार की शाम को हुई थी। हाईवे पर मलबा गिरने से रेलवे फाटक से सनवारा और जाबली तक जाम लग गया। हाईवे पर लगभग तीन घंटे तक जाम लगा रहा। परवाणू से कुमारहट्टी तक कई जगह पहाड़ से पत्थर और मलबा गिर रहा है जिससे जाम लग रहा है।
उधर, एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि फोरलेन निर्माता कंपनी को सख्त आदेश दिए हैं कि वे नियमित रूप से पेट्रोलिंग करें और जहां जरूरत हो वहां चालकों को अलर्ट करें। उन्होंने वाहन चालकों से भी आह्वान किया है कि खराब मौसम में वे परवाणू से कुमारहट्टी तक कहीं भी वाहन ज्यादा देर के लिए खड़ा न करें।