अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। नेशनल हाईवे पर जारी फोरलेन के काम के लिए खोदे पहाड़ बरसात में आफत बन गए हैं। पहाड़ पर लटक रही चट्टानें कब जानलेवा हो जाएं, कोई नहीं जानता। परवाणू से केथलीघाट तक करीब 65 किलोमीटर के हिस्से में दो चरणों में फोरलेन का निर्माण जारी है। इस बीच पहाड़ों पर कटिंग भी नियमित हो रही है। इन्हीं पहाड़ियों के नीचे से रोजाना हजारों वाहन शिमला और चंडीगढ़ के बीच दौड़ रहे हैं। इनमें ज्यादातर पर्यटकों के वाहन हैं।
पिछले करीब दो माह में वाहनों पर चट्टानें गिरने की करीब आधा दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके अलावा पहाड़ पर लटक रही भारी-भरकम चट्टानें हटाने के लिए प्रशासन ने रात भर यातायात को हाईवे पर बंद किया था जिससे संपर्क मार्ग से वाहन गंतव्यों तक पहुंचे। अब बरसात शुरू होने के साथ ही दोबारा से पत्थर और मलबा मार्ग पर गिरना शुरू हो गया है। सबसे खराब हालत परवाणू से सोलन तक के बीच है।
जहां चट्टानें खिसकने की घटनाएं बढ़ गई हैं। यहां पहाड़ को सीधी ढलान में काटा गया है और नाममात्र डंगे लगाकर भूस्खलन रोकने के प्रयास किए गए हैं। जो बरसात में खिसक कर सड़क तक पहुंच रहे हैं। परवाणू से सोलन तक करीब 37 किलोमीटर के हिस्से में कई जगह भूस्खलन हो रहा है। आलम यह है कि जहां फोरलेन का निर्माण पूरा भी हो गया है, वहां भी पहाड़ की तरफ बने मार्ग पर वाहनों को चलाने की इजाजत नहीं मिल रही है और डबल लेन पर ही फिलहाल वाहन चल रहे हैं।
चंबाघाट और सलोगड़ा में तालाब बना हाईवे
फोरलेन निर्माण के दौरान पानी की उचित निकासी का प्रबंध न होने से मार्ग पर पानी जमा हो रहा है। वीरवार को सुबह हुई भारी बारिश के बाद चंबाघाट और सलोगड़ा में मार्ग पर भारी पानी भर गया। इससे वाहनों को आवाजाही में परेशानी पेश आई। इससे पहले धर्मपुर में नवनिर्मित फोरलेन में पानी भर गया और वाहनों को आवाजाही में परेशानी होती रही। आसपास के दुकानदारों ने मंत्री डॉ. राजीव सैजल से इसकी शिकायत की जिसके बाद उन्होंने मौके का दौरा कर मार्ग निर्माता कंपनी और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए थे। अब ऐसे हालात चंबाघाट और केथलीघाट के बीच भी बनना शुरू हो गए हैं।
पहाड़ की तरफ का मार्ग प्रतिबंधित
बरसात में हादसों से बचने के लिए प्रशासन ने पहाड़ी के अंदर की तरफ वाले मार्ग को आवाजाही के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के बाद यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा भारी मशीनरी को अलर्ट पर रखा गया है जिससे लंबे समय तक हाईवे पर मलबा न पड़ा रहे और जाम की समस्या से भी बचा जा सके। साथ ही जगह-जगह चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
हाईवे पर नालियां बनाने के निर्देश : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर ने बताया कि चंबाघाट और सलोगड़ा में मार्ग पर भारी मात्रा में पानी एकत्र हो गया था जिससे आवाजाही में मुश्किल हो रही थी। उन्होंने मौके का निरीक्षण कर निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को सड़क किनारे नाली का निर्माण करने को कहा है। उन्होंने बताया कि हाईवे पर अंदरूनी तरफ का मार्ग प्रतिबंधित रहेगा।