सोलन। बसाल मेले में पुलिस की मौजूदगी में सरेआम जुए का खेल होता रहा और करीब तीन घंटे तक चले इस खेल में कई ग्रामीणों को अपनी जेबें खाली करवाकर घर जाना पड़ा। इस दौरान सादे कपड़ों में पुलिस कर्मचारी भी मौजूद थे जो लगातार जुआरियों के आसपास चक्कर लगाते रहे। लेकिन उनमें से किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। मेले में मंत्री डॉ. राजीव सैजल बतौर मुख्यातिथि पहुंचे थे और मंत्री की मौजूदगी में करीब दो दर्जन जुआरी इस खेल को सरेआम अंजाम दे रहे थे।
मेले में चल रहे इस खेल की सूचना पुलिस अधीक्षक को भी मिली। इसके बाद उन्होंने सदर थाना प्रभारी और एक अन्य पुलिस कर्मचारी को मोटरसाइकिल पर मेले में गश्त करने भेज दिया। लेकिन जब तक थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे मुख्य जुआरी अपना सामान समेट कर मेले से रफूचक्कर हो गए। जबकि पुलिस की टीम ने कुछ जुआरियों को मौके से भगा दिया। उन्होंने जुए के खेल को बंद करवाया और सामान भी जब्त कर लिया। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। जानकारी के अनुसार बसाल मेले में कबड्डी मैदान के ठीक सामने बेंच पर यह खेल हो रहा था। जिसमें 500 रुपये के 1000 बनाने के चक्कर में मेला देखने आए लोगों को लूटा जा रहा था। दोपहर बाद से करीब साढ़े तीन बजे तक यह खेल खूब चलता रहा है। लेकिन जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी आरोपी भी सतर्क हो गए। बिल्कुल फिल्मी अंदाज में पुलिस के पहुंचने से चंद मिनट पहले जुआरी अपना सामान समेट कर रफा-दफा हो गए। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो मुख्य जुआरी उनके हाथ नहीं आए। उन्हें छिटपुट दुकानदारों को पकड़ कर संतोष करना पड़ा। मेले में मौजूद लोग इस बात को लेकर हैरान थे कि पुलिस के पहुंचने की खबर जुआरियों तक आखिर कैसे पहुंच गई।
सूचना मिलते ही भेेजी टीम : एसपी
पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा ने बताया कि बसाल मेले में जुआ खेले जाने की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम को मौके पर भेजा गया था। मेले में जो भी लोग इस तरह की गतिविधि में संलिप्त पाए गए। उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक स्थल पर जुआ खेलना कानूनी तौर पर अवैध है और पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है।