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कौशल्या खड्ड सूखने से बढ़ी परवाणू में दिक्कत, तीसरे दिन पानी देना मुश्किल

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परवाणू (सोलन)। कौशल्या खड्ड के सूखने का असर परवाणू शहर में साफ दिखने लगा है। औद्योगिक नगर में हिमुडा की ओर से तीसरे दिन पानी की सप्लाई करना मुश्किल हो रहा है। परवाणू में पेयजल सप्लाई का एकमात्र स्रोत कौशल्या नदी है। इसमें भी पानी का स्तर दिन प्रतिदिन घटता जा रहा है। यह स्थानीय हिमुडा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
हिमुडा का कहना है कि अगर एक दो दिन बारिश नहीं होती है और गर्मी इसी तरह अपना प्रचंड रूप धारण रखती है तो परवाणू शहर को आने वाले समय में भारी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ेगा। हिमुडा के अनुसार परवाणू में गर्मियों के सीजन में 7 से 8 लाख गैलन पानी की जरूरत रहती है। लेकिन इस समय हिमुडा सिर्फ 2.75 लाख गैलन पानी की सप्लाई कर रहा है। शहर में तीसरे दिन भी लोगों को पर्याप्त पानी देना भी मुश्किल हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हिमुडा 40 साल में भी पानी की सप्लाई के कोई दूसरा स्रोत तलाश नहीं कर पाई है वहीं दूसरी ओर परवाणू में कुछ प्राइवेट पार्टियां बोरवेल लगा कर पानी बेच रही हैं।
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टैंकर मालिक कूट रहे चांदी
परवाणू में घटती पानी की सप्लाई को देखते हुए पानी के टैंकरों की मांग बढ़ गई है। मांग बढ़ने के साथ ही टैंकर संचालकों ने टैंकर के रेट 600 रुपये से लेकर 800 रुपये तक बढ़ा दिए हैं। रेट बढ़ाने का कारण डीजल की कीमतों में इजाफा बता रहे हैं। स्थानीय निवासी जतिन चौहान , बलबीर ठाकुर, रवि कुमार और राजन ने कहा कि हिमुडा तीसरे दिन पानी की सप्लाई दे रहा है। लगभग 500 लीटर भी पानी नहीं मिल रहा है। रोजाना बच्चों के कपड़े धोने भी मुश्किल हो रहे हैं।
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हर रोज घट रहा जलस्तर : हिमुडा
हिमुडा के अधिशासी अभियंता राकेश भाटिया ने कहा कि दिन प्रतिदिन पानी का स्तर गिरना चिंता का विषय बना हुआ है। इससे तीसरे दिन भी पानी की सप्लाई करना मुश्किल हो रही है। अब तो भगवान भरोसे हैं। जल्दी बारिश हो जानी चाहिए। इस समय शहर को 2.75 लाख गैलन पानी की ही सप्लाई कर पा रहे हैं जबकि शहर की जरूरत 7 से 8 लाख गैलन पानी की है।
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