नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ उपमंडल के जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। आग की इन घटनाओं से जहां वन संपदा को नुकसान पहुंचा है, वहीं कई जीव जंतु भी मारे गए हैं। वन विभाग, फायर ब्रिगेड आग बुझाने का प्रयास तो कर रहे हैं लेकिन कई जगहों पर फायर ब्रिगेड के वाहन न पहुंचने से आग फैलती जाती है। भाटियां गांव में फेम कंपनी के समीप, छियाछी गांव के साथ, धार कोटला (मंझौली), ढेरोंवाल के साथ, अंबुजा कंपनी के साथ, पॉवरग्रिड रेडू़ के पास, जगातखाना, बगलैहड़, दभोटा रेडू़ उपरला, काडू प्लासड़ा, लापलास, खैरावाला, गुज्जरहटटी, सल्लेवाल, पंजैहरा प्लासी, सलहेड़ा, भाटियां, बगलैहड़, जगातखाना, सेरी, भवानीपुर, टिक्करी बघेरी, गोलजमाला सहित अन्य जंगलों में आग लग चुकी है। डीएफओ जेएस शर्मा ने कहा कि आग की इन घटनाओं से निपटने के लिए वन विभाग पहले ही ऐहतियातन कदम उठा चुका है। लेकिन अचानक आग की ऐसी घटनाएं घटित हो जाती है। विभाग ने फारेस्ट गार्ड के अलावा करीब 35 फायर वॉचर की तैनाती की है। अग्निशमन केंद्र नालागढ़ के प्रभारी हितेंद्र कंवर ने कहा कि जहां तक वाहन पहुंचते हैं वहां वाहनों के माध्यम से और कई जगहों पर फायर ब्रिगेड के वाहन घटना स्थल तक नहीं पहुंच पाते है, वहां झाड़ियों से आग बुझाने का प्रयास किया जाता है।हो।