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दर्द निवारक दवा ट्रामाडोल प्रतिबंधित

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सोलन। दर्द निवारक दवा ट्रामाडोल को प्रतिबंधित कर दिया है। अब इस दवा की बिक्री खुले में नहीं हो पाएगी। दवा को एनडीपीएस एक्ट के दायरे में लाया गया है। इसके चलते किसी के पास थोक में ट्रामाडोल बरामद होने की सूरत में पुलिस मामला दर्ज करेगी और यह आरोप गैर जमानती होगा। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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दवा का इस्तेमाल नशे के रूप में होने की वजह से यह कदम उठाया है। साथ ही दवा उत्पादक कंपनी को भी निर्देश जारी किए हैं कि वे दवा के रेपर पर लाल अक्षर में एनपीएक्स लिखें। ट्रामाडोल पर प्रतिबंध के बाद बाजार में मौजूद दवा को नए स्टॉक से बदलने के आदेश दिए हैं। दर्द निवारक दवा का पुराना स्टॉक निर्माता कंपनी को वापस बुलाना होगा और उस पर दोबारा से लेवल लगाकर इसे वापस भेजना पड़ेगा। दवा निरीक्षक बसंत मित्तल ने ट्रामाडोल पर प्रतिबंध लगने की पुष्टि की है। दवा को अब खुले में नहीं बेचा जा सकेगा। दुकानों में पड़े स्टॉक पर भी लाल स्याही से एनपीएक्स लिखना अनिवार्य कर दिया है। बंसत मित्तल के अनुसार इस दवा का इस्तेमाल नशे के लिए हो रहा था। इसकी वजह से यह कदम उठाया है। दवा नियंत्रक विभाग ने यह कार्रवाई की है।

सीधे दिमाग पर असर डालती है दवा
ट्रामाडोल का असर सीधे दिमाग पर होता है। इसके बाद शरीर दवा के प्रति अपना व्यवहार तय करता है जिसके चलते शरीर में लगातार बदलाव होने लगते हैं। शरीर पूरी तरह से नशे की जद में रहता है। इसकी वजह से दर्द का असर नहीं होता है। दवा से होने वाले लक्षणों में उल्टी, कंपकंपी, हल्की सिरदर्द और कब्ज जैसे लक्षणों के अलावा खारिश तथा शरीर पर दाने निकलने जैसी समस्या भी पेश आ सकती है।
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