बद्दी (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन के एक दवा निर्माता उद्यमी पर आबकारी एवं कराधान विभाग टैक्स वसूलने के लिए केस चलाएगा। उद्योगपति ने सी फार्म में गड़बड़ करके करोड़ों रुपये के राजस्व को चूना लगाया था। जांच में टैक्स चोरी का खुलासा होने के बाद अब संबंधित उद्योगपति को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि उद्योगपति ने कार्रवाई के बाद विभाग के पास 35 लाख रुपये जमा करवा दिए हैं तथा शेष राशि जमा करवाने के लिए एक माह का समय मांगा है। लेकिन विभाग ने तलख तेवर अपनाते हुए नोटिस थमा दिया है और मुकदमा चलाने की बात कही है।
बद्दी में करोड़ों की दवाओं के सी फार्म में गड़बड़ी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। आबकारी विभाग की उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशस्ति पत्र से सम्मानित निरीक्षक रिमा सूद की अगुवाई वाली टीम ने इस दवा उद्योग के नाम की अन्य व्यापारी की रिटर्न खंगालने पर यह जालसाजी पकड़ी। गड़बड़ी की एफएसएल जुन्गा से रिपोर्ट आने पर सब राज खुल गए। इसमें साफ हुआ कि बिक्री का बड़ा हिस्सा टैक्स फ्री बताया है और दस्तावेजों के साथ टैंपरिंग की गई है। यह भी दलील दी गई थी कि सेफा दवाइयों पर टैक्स नहीं लगता है जबकि प्रदेश में तमाम दवाईयों पर पांच फीसदी की दर से टैक्स लगता है। ऐसे में इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश आबकारी एवं कराधान विभाग ने किया। आबकारी एवं कराधान विभाग के उप आयुक्त दक्षिण प्रवर्तन डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि उद्यमी को नोटिस दे दिया है। 3.85 करोड़ रुपये के टैक्स की राशि वसूलने के लिए मुकदमा चलाया जाएगा। उद्योगपति को पेनेल्टी भी लग सकती है।