सोलन। परवाणू-शिमला नेशनल हाईवे को फोरलेन में बदलने के लिए चल रहे निर्माण कार्य पर सवाल उठने के बाद संबंधित कंपनी को नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने नोटिस जारी कर दिया है। यह नोटिस हाईवे पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव न करने पर जारी किया है। नोटिस का जवाब न देने की सूरत में कंपनी प्रबंधन पर एक तरफा कार्रवाई की जा सकती है। जवाब न मिलने पर एनएचएआई कंपनी पर जुर्माना भी लगा सकता है। इसके अलावा कंपनी का भुगतान रोकने की भी सिफारिश की जा सकती है। धूल मिट्टी उड़ने से लोगों ने बीमारी फैलने की आशंका भी जताई है।
नोटिस जारी होने के बाद नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीम ने मंगलवार को हाईवे का औचक निरीक्षण भी किया। लेकिन इस दौरान भी कुमारहट्टी से सोलन के बीच पूरा हाइवे धूल मिट्टी से भरा हुआ मिला। इसके बाद एनएचएआई ने फोरलेन निर्माता कंपनी पर तत्काल कार्रवाई की बात कही है। सोलन से परवाणू के बीच फोरलेन का काम चल रहा है। यहां दिन भर खुदाई होती रहती है। इसके अलावा कुछ जगहों पर मार्ग को कच्चा ही छोड़ दिया है जहां से धूल उड़ रही है। नियम के मुताबिक फोरलेन निर्माता कंपनी को पानी का छिड़काव सड़क पर करना होता है। लेकिन कंपनी प्रबंधन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। फोरलेन निर्माण के दौरान गांव के संपर्क मार्ग और पेयजल स्रोत भी प्रभावित हुए हैं। इस बारे में ग्रामीण कई मंचों पर अपनी आवाज उठा चुके हैं।
कंपनी प्रबंधन को जारी किया नोटिस : एनएचएआई
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया परामर्श टीम के प्रभारी प्रकाश दरोच ने बताया कि पानी का छिड़काव न होने पर कड़ा संज्ञान लिया है। कंपनी प्रबंधन को नोटिस जारी किया है। नोटिस का जवाब सही न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि कंपनी प्रबंधन का भुगतान रोकने का सुझाव भी दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों के पानी व रास्ते बंद होने के मसले को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।
पानी की कमी के बावजूद कर रहे छिड़काव : पात्रा
फोरलेन कंपनी प्रभारी देवाशीष पात्रा ने कहा कि सोलन में पानी की कमी है। इसके बावजूद पानी का छिड़काव किया जा रहा है। मौसम सूखा और काम कई किलोमीटर में फैले होने की वजह से छिड़काव में कहीं-कहीं कमी आ रही है। इसे जल्द सुधार लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी कोई नौबत न आए।