सोलन अस्पताल में एक बिस्तर में दो-दो मरीज।
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में स्वास्थ्य सुविधाएं चरमरा गई हैं। आलम यह है कि महिला वार्ड, प्रसव कक्ष सहित सामान्य वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीजों को लेटाकर रखा है। इससे जहां मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है वहीं एक दूसरे मरीज को संक्रमण फैलने का भी खतरा बना रहता है। यहीं नहीं वार्डों के शौचालयों में भी गंदगी फैली हुई है। शौचालयों की बदबू वार्ड तक पहुंच रही है। इससे एक भलाचंगा व्यक्ति भी रोगी बन सकता है।
इलाज करवाने के लिए दाखिल शोभा, आरती, सीमा, चंद्रप्रकाश, सुरेश कुमार और रमेश ने बताया कि वह अस्पताल की अव्यवस्था से परेशान हैं। एक बेड पर दो मरीज होने की वजह से इंफेक्शन होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा मरीजों को पेट भर खाना भी नहीं दिया जा रहा है। खाना बांटने वाले कर्मचारी एक बार मरीजों को खाना देकर दूसरी बार देने के लिए नहीं आते। इसके चलते मरीजों को भूखे पेट सोना पड़ रहा है। मरीजों का कहना है खाने में चार चपाती से उनका पेट नहीं भरता।
भर पेट दिया जा रहा खाना
मेस ठेकेदार संतराम शर्मा ने बताया कि हर वार्ड में खाना बांटने वाले कम से कम दो चक्कर जरूर लगाते हैं ताकि कोई भोजन दूसरी बार लेने का इच्छुक हो तो वह खाना अपने भूख के हिसाब से ले सकें। बताया कि हर एक मरीज को 250 ग्राम खाना देने का टेंडर कमेटी के आदेशानुसार दिया जाता है। खाने की गुणवत्ता भी अच्छी है साफ सुथरा भोजन हर व्यक्ति को दिया जाता है।
गंभीर बीमारी के चलते रोगियों करना पड़ रहा दाखिल
एमएस महेश गुप्ता ने बताया कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को इलाज देने का मामला उनके संज्ञान में है। बताया गंभीर बीमारी के रोगी को मजबूरन अस्पताल में दाखिल करना पड़ता है। इसके चलते कई दफा एक बेड पर दो मरीजों को भी लेटाना पड़ रहा है। कहा की ऐसा हमेशा ही नहीं होता।