सोलन। नगर परिषद सोलन के अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में है। भाजपा और कांग्रेस के नौ पार्षद पहले ही अविश्वास प्रस्ताव ला चुके हैं और अब दो और पार्षद इसमें शामिल हो गए हैं। नगर परिषद में कुल 15 वार्ड हैं जिनमें से 10 में भाजपा पार्षद विजयी रहे थे। इसमें से कुछ कांग्रेस पार्षदों के साथ मिलकर पहले ही अविश्वास प्रस्ताव ला चुके हैं, जिससे अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ गई है। अविश्वास प्रस्ताव पर 16 जून को बहुमत साबित करने का समय दिया गया है। अगर बहुमत साबित करने में नाकाम रहे तो उनकी कुर्सी चली जाएगी।
अध्यक्ष के खिलाफ पार्षदों का विद्रोह खुलकर सामने आ गया है। सोमवार को दो कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने अतिरिक्त दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है। इस दौरान दोनों पार्षदों ने बताया कि वे किसी निजी कार्य के कारण क्षेत्र से बाहर थे। इस कारण अन्य पार्षदों के साथ अविश्वास प्रस्ताव लाने और उसे प्रशासन को सौंपने के दौरान मौजूद नहीं रह सके। अब उन्होंने वापस लौटकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और मौजूदा अध्यक्ष को हटाने की पैरवी की है।
प्रशासन ने पहले ही नगर परिषद सोलन की बैठक 16 जून को तय कर दी है। इस बैठक में नप अध्यक्ष को एसडीएम की मौजूदगी में बहुमत साबित करना होगा। यदि नप अध्यक्ष बहुमत साबित करने में नाकाम रहे तो उन्हें पद से हटा दिया जाएगा। सोलन नगर परिषद में कुल 15 वार्ड हैं जिनमें से दस वार्ड में भाजपा पार्षदों ने जीत दर्ज की थी और पवन गुप्ता को अध्यक्ष बनाया था, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव लाने में अब भाजपा के पार्षद भी कांग्रेस का साथ दे रहे हैं। पूर्व में नौ पार्षदों ने अविश्वास मत लाने को लेकर प्रशासन को पत्र सौंपा था। अब इसमें दो और पार्षद शामिल हो गए हैं। फिलहाल, विरोधी खेमे ने अभी तक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चेहरा सार्वजनिक नहीं किया है। उधर, प्रशासन ने नगर परिषद की बैठक 16 जून को तय की है जिसमें अध्यक्ष को बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाएगा।
पार्टी के आदेश पर लिया फैसला : पार्षद
प्रशासन को अविश्वास प्रस्ताव सौंपने वाली वार्ड नंबर तीन की पार्षद पार्वती तनवर ने बताया कि उन्होंने पार्टी हाईकमान के आदेश पर यह फैसला किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में जो भी आदेश देगी उसका पालन होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक अगले अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का नाम तय नहीं हुआ है।
कांग्रेस का षड्यंत्र है : पवन गुप्ता
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस को खुद के वार्ड पार्षदों पर भरोसा नहीं है। यही वजह है पार्षद अलग-अलग होकर अविश्वास प्रस्ताव लेकर प्रशासन के पास जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का षड्यंत्र है जिसे वे 16 जून को विश्वास मत हासिल कर नाकाम करेंगे। उन्होंने कहा कि वे बहुमत हासिल करने में सक्षम हैं।