परवाणू (सोलन)। ट्रक यूनियन परवाणू ने भाड़े में कटौती का फैसला लिया है। यूनियन सात फीसदी भाड़ा कम करेगी। इससे उद्योगों पर भाड़े का असर कम होगा, वहीं वस्तुओं के दामों में भी कमी आएगी। यह निर्णय मंगलवार को परवाणू में उद्योग संघ और ट्रक यूनियन की संयुक्त बैठक में लिया गया है।
बैठक में दोनों पक्षों ने भाड़े को लेकर अपनी समस्या व सुझाव साझा किए। ट्रक यूनियन की ओर से नरेश अग्रवाल ने बढ़े हुए किराये के लिए उद्योग संघ को अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि विद्युत वाहनों के आने से और महंगे बीमा, गाड़ियों के रखरखाव व महंगे कलपुर्जे को ध्यान में रखते हुए भाड़ों में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि ट्रकों व अन्य मालवाहक वाहनों का खर्च बढ़ रहा है। इसका असर ट्रांसपोर्टरों व उद्योगों पर पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर उद्योग संघ के ट्रांसपोर्ट कमेटी के सदस्य राजीव जैन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के दौर में परवाणू के उद्योगों को भाड़े में संशोधन की आवश्यकता है। इसलिए यूनियन के भाड़ों पर फिर से विचार किया जाए ताकि परवाणू के उद्योग पड़ोसी राज्यों के उद्योगों से प्रतिस्पर्धा कर सकें। दोनों पक्षों द्वारा विचार-विमर्श करने के बाद यूनियन ने उद्योगों की समस्या को समझते हुए व डीजल के दाम कम होने के चलते 7 प्रतिशत भाड़ा कम करने पर अपनी सहमति जताई तथा नई दरों को 1 जनवरी 2019 से लागू करने की घोषणा की। उद्योग संघ ने यूनियन के इस फैसले का स्वागत किया।
बैठक में उद्योगों की ओर से पीआईए ट्रांसपोर्ट कमेटी मेंबर राजीव जैन, अनिल बस्सी, व पीआईए के महासचिव सार्थक तनेजा मौजूद रहे। वहीं ट्रक यूनियन की ओर से प्रधान हरदीप बावा, लखविंदर सिंह,नरेश अग्रवाल, एमआर ग्रोवर, सुभाष शर्मा, हरिंदर गुप्ता, ओम प्रकाश व अन्य लोग मौजूद रहे।