अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। एचआरटीसी सोलन में स्टाफ की कमी से निगम के सात रूट फेल हो रहे हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सोलन के एचआरटीसी डिपो में बस चालकों को छुट्टियां तक नहीं मिल रही हैं। डिपो में बस चालकों के 32 पद खाली हैं। इसके चलते रूट फेल होने की समस्या पैदा हो रही है। सोलन डिपो से रोजाना जिला और जिला के बाहर 155 लोकल व लांग रूट पर बसें चलाई जाती हैं। चालकों की कमी से अब रोजाना बसों को बहाल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो चालको ंको आवश्यक छुट्टी की जरूरत होने पर अवकाश नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार सोलन एचआरटीसी के डिपो में 170 बस चालकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में केवल 138 बस चालक ही लोगों को सेवा दे रहे हैं। इसके चलते बीते कई वर्षों से बस चालकों को साप्ताहिक अवकाश भी नहीं मिल रहे हैं। आलम यह है कि सोलन में एचआरटीसी की ओर से इलेक्ट्रिक टैक्सियां भी चलाई जा रही हैं। इन टैक्सियों को भी एचआरटीसी के ही ड्राइवर चला रहे हैं। ऐसे में निगम को बसें चलाने में और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण कई रूट प्रभावित भी हो रहे हैं। इसका खामियाजा आम लोगों को झेलना पड़ रहा है। कई बार तो बस चालकों को लांग रूट से आते ही तुरंत लोकल रूट के लिए भेज दिया जाता है। इससे बस चालक खासे परेशान हैं।
सोलन डिपो में कंडक्टरों के भी 35 पद खाली हैं। सोलन डिपो में इस समय 132 कंडक्टर सेवाएं दे रहे हैं जबकि आवश्यकता 167 की है। इस कारण कंडक्टरों को भी सप्ताहिक छुट्टी नहीं मिल रही है। हालांकि कुछ समय पहले सोलन डिपो को निगम ने 42 नए कंडक्टर मिले हैं लेकिन कंडक्टर की कमी इतनी अधिक थी कि नए कंडक्टर मिलने के बाद भी समस्या बनी हुई है।
परिवहन निगम सोलन के प्रबंधक सुरेश धीमान ने बताया कि सोलन डिपों में चालकों की कमी चल रही है। उन्होंने बताया कि चालकों को जरूरत पड़ने पर ही अवकाश दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्या आला अधिकारियों को बताई गई है। जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।