सोलन। पर्यावरण को स्वच्छ रखने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने वाली इलेक्ट्रिक कारें अब एचआरटीसी का खजाना भरने लगी हैं। खास बात यह है कि सोलन में चल रही इन कारों ने एक महीने के अंदर ही एचआरटीसी को 60 हजार रुपये कमाकर दिए हैं। शुरुआती दिनों तक इन कारों में लोगों ने सफर नहीं किया लेकिन अब इन कारों में लोगों की भीड़ देखने को मिल रही है। दो महीने पहले शहर में चलाई गईं इन कारों में अब लोग सफर करना पसंद कर रहे हैं।
शहर में इन टैक्सियों के चलने से एचआरटीसी की कमाई में भी बढ़ोतरी होने लगी है। परिवहन निगम इन इलेक्ट्रिक कारों को लोकल रूटों पर चला रहा है। इसमें सफर करने वाले लोगों के लिए न्यूनतम किराया निर्धारित किया है। शिमला की तर्ज पर सोलन शहर में चलाई जा रहीं इलेक्ट्रिक कारें लोगों को भी भाने लगी हैं। एचआरटीसी द्वारा बिजली से चलने वाली कारों में काफी लोग सफर करते हैं। इन कारों के चलने से अब एचआरटीसी को भी फायदा हो रहा है। इन कारों ने एक महीने में एचआरटीसी को 60 हजार रुपये कमा कर दिए हैं। इन इलेक्ट्रिक कारों में अधिकतर महिलाएं और बुजुर्ग सफर कर रही है। इलेक्ट्रिक कारों की खासियत यह है कि यह प्रदूषण को कम कर रही हैं। एक बार बिजली से चार्ज करने पर कई किलोमीटर का सफर यात्रियों को करवा रही है।
यह कारों का किराया
एचआरटीसी यह कारें चंबाघाट से डमरोग वाया जटोली और शामती से पावर हाउस के साथ शहर के लोकल रूटों पर चलाया रहा है। निगम ने कारों का किराया 10 से 15 रुपये के बीच में रखा है। कम किराया होने के कारण इन कारों में अब अधिकतर लोगों द्वारा सफर किया जा रहा है। यदि आने वाले दिनों में भी इन कारों में ऐसी ही भीड़ देखने को मिली तो एचआरटीसी को इससे ओर अधिक फायदा हो सकता है।
लोकल रूटों पर चल रही कारें
आरएम सुरेश धीमान ने बताया कि एक महीने से इलेक्ट्रिक कारों में काफी लोग सफर कर रहे हैं। इन दो कारों ने एक महीने में करीब 60 हजार रुपये कमा कर दिए हैं। शहर के लोकल रूटों पर यह कारें चल रही है।