कंडाघाट (सोलन)। परवाणू-शिमला एनएच को फोरलेन में बदलने के लिए चल रहे निर्माण कार्य की जद में कंडाघाट बाजार नहीं आएगा। धर्मपुर की तर्ज पर कंडाघाट बाजार नहीं उजाड़ा जाएगा। बाजार के सैकड़ों कारोबारियों को भी अब उजड़ने का खतरा नहीं है। फोरलेन के लिए दूसरे चरण की पैमाइश का काम शुरू हो गया है। दूसरे चरण में चंबाघाट से शिमला तक फोरलेन का निर्माण होना है। इसमें सबसे मुख्य और बड़े बाजार के रूप में कंडाघाट के उजड़ने का संशय बना हुआ था। लेकिन एनएचआरआई प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि कंडाघाट में निशानदेही फ्लाई ओवर के लिए हो रही है। अब दुकानदारों को चिंता सताने लगी है कि गाड़ियां फ्लाईओवर से गुजरेंगी तो भी बाजार बेरौनक हो जाएगा और कारोबार में बंदी छा जाएगी।
कंडाघाट से चायल के लिए मार्ग जाता है जिससे यहां पर्यटकों की भीड़ रहती है। इसके अलावा चंडीगढ़ या शिमला से जाने वाले पर्यटक भी कंडाघाट रुकते हैं। कंडाघाट ठीक उसी तर्ज पर विकसित हुआ है जिस पर कुछ समय पहले तक धर्मपुर का सिक्का चलता था। कंडाघाट बाजार में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों सहित कर्मचारियों ने पैमाइश की। इसमें कंडाघाट बाजार के कारोबारी चिंता में पड़ गए थे कि अब उनका कारोबार भी धर्मपुर की तरह चौपट हो जाएगा। लेकिन फोरलेन का निर्माण पुराने वाले सर्वे के मुताबिक किया जाएगा। इसके बाद कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। फोरलेन का निर्माण कंडाघाट बाजार से बाहर से और रेलवे लाइन के ऊपर से फ्लाईओवर द्वारा किया जाएगा तथा कंडाघाट स्थित पेट्रोल पंप के पास निकलेगा।
फोरलेन में न आए बाजार : व्यापारमंडल
व्यापारमंडल रोहित सूद ने बताया कि यदि फोरलेन का निर्माण कार्य कंडाघाट से होता है तो कारोबारियों के पास कहीं और जाने का कोई विकल्प नहीं होगा। उपाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि जो पिछली सरकार के समय सर्वे हुआ था उसी के हिसाब से फोरलेन को बनाया जाए। पूर्व प्रधान सिरिनगर गुरविंदर सिंह काला ने बताया कि बाजार से फोरलेन लाना गलत है। यदि सर्वे के लिए लगाए निशानों से भविष्य में फोरलेन बाजार से जाएगा तो व्यापारियों का व्यापार उजड़ जाएगा। यह बाजार बहुत पुराना है, जहां कारोबारियों के पास इसके अलावा कोई और विकल्प नहीं है।
पहले के सर्वे के हिसाब से होगा कार्य
एनएचएआई के मैनेजर योगेश रॉट ने बताया कि जो सर्वे पहले हो चुका है उसी के हिसाब से फोरलेन का निर्माण होगा। बताया कि कंडाघाट बाजार को इससे कोई नुकसान नहीं होगा। यह मार्ग एनएचएआई के अधीन रहेगा जिसकी मरम्मत की जाएगी। नया सर्वे रेलवे लाइन के ऊपर से फ्लाई ओवर के लिए किया गया है।