फोरलेन की जद में आया था सलोगड़ा स्कूल भवन, मंदिर परिसर में पढ़ाई करने को मजबूर 145 छात्र
स्कूल भवन के लिए 1.12 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल सलोगड़ा के करीब 145 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटका है। फोरलेन निर्माण की भेंट चढ़े इस स्कूल के नए भवन के लिए जारी की गई 1.35 करोड़ की भारी-भरकम राशि केवल डंगे और सुरक्षा दीवार बनाने में ही खर्च हो गई। अब भवन निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने दोबारा 1.12 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव तैयार कर शिक्षा निदेशालय को भेजा है। जानकारी के अनुसार, फोरलेन कार्य के दौरान सलोगड़ा स्कूल का भवन ढह गया था, जिसे आज तक नहीं बनाया जा सका है। आलम यह है कि नन्हे छात्र लंबे समय से मंदिर परिसर में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि वर्तमान में सर्दियों की छुट्टियां चल रही हैं, लेकिन नया सत्र शुरू होने से पहले भवन निर्माण की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने भी निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन बजट की कमी के कारण काम पिलरों तक ही सीमित रह गया है।
किसान सभा ने भी खोला मोर्चा
स्कूल भवन के निर्माण में हो रही देरी को लेकर किसान सभा भी कई बार प्रशासन के समक्ष आवाज उठा चुकी है। किसान सभा का आरोप है कि उन्हें केवल आश्वासनों से ही बहलाया जा रहा है, जबकि धरातल पर बच्चों के बैठने के लिए छत नसीब नहीं हुई है।
कोट
नए भवन के निर्माण के लिए 1.12 करोड़ का प्रस्ताव निदेशालय को भेज दिया गया है। बजट स्वीकृत होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पुराने क्षतिग्रस्त भवन की मरम्मत के लिए 2 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जिससे बच्चों को कुछ राहत देने का प्रयास किया जाएगा।
मोहिंद्र चंद पिरटा, प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक