अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। चंबाघाट से कैथलीघाट तक बनाए जा रहे फोरलेन निर्माण के चलते सलोगड़ा के समीप लैंड स्लाइड होने से 14 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही, विद्युत बोर्ड कंडाघाट को आठ लाख का नुकसान पहुंचा है। बिजली जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर सलोगड़ा के पास रात को साढ़े नौ बजे फोरलेन कटिंग के चलते लैंड स्लाइड हो गया। साथ ही बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे जिससे दो घंटे तक जाम लगा रहा। मौके पर फोरलेन कंपनी के कर्मचारियों और जेसीबी मशीन की सहायता से मलबे और पत्थरों को सड़क से हटाया गया। गनीमत रही कि जिस समय लैंड स्लाइड हुआ, उस समय कोई भी वाहन वहां से नही गुजर रहा था जिससे कोई अप्रिय घटना होने से बाल-बाल बच गई।
इससे कंडाघाट उपमंडल के 33 केवी विद्युत स्टेशन के बिजली के थ्री पोल स्ट्रक्चर को नुकसान हो गया। अब ये पोल पहाड़ी के किनारे पर लटक चुके हैं। लैंड स्लाइड की सूचना मिलते ही विद्युत बोर्ड की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में लग गई। बिजली के थ्री पोल स्ट्रक्चर होने से कोई अप्रिय घटना न घटे, इसके चलते विद्युत आपूर्ति को बंद कर दिया गया।
इस सब स्टेशन से उपमंडल कंडाघाट के कंडाघाट, चायल, वाकना, कोट, कदौर, वाकनाघाट, सिरीनगर, सलोगड़ा के मनसार सहित अन्य क्षेत्र बिजली आपूर्ति के बाधित रही। विद्युत बोर्ड कंडाघाटके अनुसार थ्री पोल स्ट्रक्चर पहाड़ी के बिल्कुल किनारे पर आ गए हैं जिन्हें किसी अन्य स्थान पर बदलने का काम जारी है।
उधर, विद्युत बोर्ड के सहायक अभिंयता मनीष कुमार आर्य ने बताया कि थ्री पोल स्ट्रक्चर को कंडाघाट विद्युत बोर्ड सुरक्षित स्थान पर बदल रहा है। इसी के साथ नुकसान का आकलन फोरलेन कंपनी को दिया जाएगा।
विद्युत बोर्ड कंडाघाट के एसडीओ रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि रात को फोरलेन कटिंग से सलोगड़ा के समीप लैंड स्लाइड हो गया। इससे बिजली के थ्री पोल स्ट्रक्चर को नुकसान हुआ है। इससे विभाग को करीब आठ लाख का नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारीयों ने भी बुधवार को सुबह मौके का दौरा किया। सुरक्षा को देखते हुए बोर्ड ने 33 केवी स्टेशन से बंद कर दिया था।