सोलन। नगर परिषद सोलन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता संदेश देने के लिए बोर्ड लगाए हैं लेकिन शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। नप ने जागरूकता संदेश के बोर्ड तो लगा दिए लेकिन खुद ही इन निर्देशों पर खरा नहीं उतर रही। गाइड लाइन के मुताबिक स्थानीय निकायों को घरों से गीला व और सूखा कूड़ा अलग-अलग डस्टबिन में उठाने के निर्देश हैं लेकिन सोलन नप अभी तक इसका प्रबंध नहीं कर पाई है। स्थानीय निकाय घरों और व्यावसायिक परिसरों से कूड़ा उठाने की एवज में गारबेज कलेक्शन फीस वसूल कर रही है। बावजूद इसके कूड़े को ग्रेड करने लिए डस्टबिन उपलब्ध नहीं करवाए हैं। ऐसे में लोगों को गीला और सूखा कूड़ा एक ही डस्टबिन में रखना पड़ता है। उपभोक्ताओं में इस बात पर रोष है कि गारबेज कलेक्शन फीस देने के बावजूद घरों से समय पर कूड़ा नहीं उठता।
स्टाफ की भी है कमी
स्टाफ की कमी के चलते नगर परिषद ने डोर-टू डोर व्यवस्था को फिलहाल आउटसोर्स और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से लागू कर रहा है। आउटसोर्स कर्मचारियों की मनमानी इसमें रुकावट बन रही है। अधूरी तैयारी से आरंभ डोर टू डोर कूड़ा उठाने की योजना के लिए वर्दी, सीटी, रेहड़ी के भी पर्याप्त प्रबंध नहीं है। सफाई कर्मियों की सीटी कभी-कभार सुबह तो कभी दोपहर को सुनाई पड़ती है। लोग घरों का कूड़ा सहेज कर सफाई कर्मियों के लिए रख देते हैं लेकिन कई बार कर्मचारी नहीं आते। इस स्थिति में मकान मालिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एक हजार आबादी पर एक कर्मचारी का जिम्मा
सोलन शहर की आबादी तेजी से बढ़ रही है। सफाई कर्मचारी दिन प्रतिदिन कम होती जा रही हैं। इससे शहर की करीब 60 हजार आबादी की सफाई व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया है। नगर परिषद के पास वर्तमान में करीब 70 सफाई कर्मचारी है जिसमें से 60 कर्मचारियों के पास सफाई का जिम्मा है। यानी एक हजार की आबादी की सफाई व्यवस्था का जिम्मा एक सफाई कर्मचारी पर है। यही कारण है कि नगर परिषद सफाई का जिम्मा अब निजी कंपनी को देने को मजबूर हो रही है।
दो पार्ट वाले डस्टबिन लगाने की हो रही व्यवस्था
नगर परिषद अध्यक्ष देंवेद्र ठाकुर ने बताया कि एनजीटी की गाइड लाइन के मुताबिक घरों से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग लिया जाएगा। इसके लिए वार्डों में दो पार्ट वाले करीब 20 नए डस्टबिन रखने की व्यवस्था की जा रही है। भवन मालिकों और किराएदारों को गीला और सूखा रखने के लिए छोटे डस्टबिन देने पर विचार किया जाएगा।