आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विश्राम गृह
बीबीएनडीए को विश्राम गृह के लिए भेजा प्रस्ताव
1976 में बना रेस्ट हाउस हो चुका है काफी जर्जर
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी/नालागढ़ (सोलन)। वर्ष 1951 की पुरानी परिषदों में शुमार नालागढ़ परिषद अब अपने विश्राम गृह का जीर्णोद्धार और इसका विस्तार करके इसे आधुनिक रूप प्रदान करेगी। परिषद की योजना के तहत मौजूदा विश्राम गृह का जहां जीर्णोद्धार किया जाएगा, वहीं इसका विस्तार भी किया जाएगा। परिषद के वार्ड-2 में वर्ष 1976 का बना विश्राम गृह काफी पुराना और जर्जर हो चुका है। चालीस वर्ष पूर्व तत्कालीन राज्य मंत्री सरला शर्मा के करकमलों द्वारा शिलान्यास किया गया था। उस समय का बना यह विश्राम गृह तत्कालीन सुविधाओं के तहत बेहतर था और इसमें दो ही कमरे बने हुए हैं। लेकिन इसके बाद इस विश्राम गृह का विस्तार नहीं हो सका है। चार दशक बाद अब नगर परिषद नालागढ़ ने नए विश्राम गृह बनाने की योजना पर कार्य करना शुरू कर दिया है। इसके जीर्णोद्धार सहित विस्तारीकरण का प्रस्ताव तैयार करके बीबीएनडीए को भेज दिया है। विश्राम गृह के लिए 50 लाख की धनराशि की मांग की है। बीबीएनडीए से धनराशि स्वीकृत होने के उपरांत आधुनिक सुविधाओं वाला परिषद का विश्राम गृह निर्मित होगा, जिसमें वीवीआईपी और वीआईपी सेट भी बनाए जाएंगे। आधुनिकीकरण और औद्योगीकरण के चलते नालागढ़ में विश्राम गृह कम पड़ गए हैं। प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन विश्व के मानचित्र पर उभरा है, वहीं हिमाचल की औद्योगिक राजधानी भी बना है। उधर, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद एवं एसडीएम प्रशांत देशटा ने कहा कि परिषद के विश्राम गृह के जीर्णोद्धार के लिए इसका खाका तैयार कर इसे मंजूरी के लिए बीबीएनडीए को भेजा है और बीबीएनडीए से धन का प्रावधान होते ही इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।