नालागढ़ (सोलन)। परिषद के तहत वार्डों के समुचित विकास और सरकार की प्रायोजित योजनाओं का लाभ पहुंचाने के दृष्टिगत बनने वाली वार्ड स्तरीय कमेटियों का आज तक गठन नहीं हुआ। सरकार द्वारा चार साल पूर्व नगर निकाय क्षेत्रों में नगर पालिका अधिनियम की धारा-51 के तहत कमेटियों के गठन करने के आदेश दिए हैं। लेकिन इसके गठन पर पार्षद गंभीर नहीं है।
नप नालागढ़ के तहत नौ वार्डों में अभी तक इन कमेटियों का गठन नहीं हो सका है, नतीजतन इन कमेटियों के न बनने से सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। शहर के विकासात्मक कार्य भी ठप पड़ जाते हैं। इन कमेटियों में पार्षदों का उत्तरदायित्व बनता है कि वह वार्ड सभा और वार्ड कमेटियों का गठन करें। वार्ड स्तर पर बनने वाली कमेटी में प्रत्येक वार्ड में वार्ड सभा गठित होनी है, जिसके तहत वार्ड के लोगों को इसका सदस्य बनाया जाता है।
वार्ड सभा के सदस्य बैठक कर वार्ड कमेटी का गठन करते हैं जिसमें संबंधित वार्ड का पार्षद इसका अध्यक्ष होता है। वार्ड निवासी नौ सदस्यों को इसमें शामिल किया जाता है। इसमें 50 फीसदी भागीदारी महिलाओं की रहती हैं। वार्ड की सभा साल में दो बार बैठक करती है जबकि वार्ड कमेटी दो माह में एक बार बैठक करती है। वार्ड कमेटी के कार्यों में सफाई, गली, स्ट्रीट लाइटें, गलियां और नालियों आदि के कार्यों की समीक्षा करती है। इसकी सूची बनाकर परिषद को सौंपेती है जिस पर परिषद स्क्रूटनिंग करने के बाद कार्यों को अप्रूवल दी जाती है।
कमेटी के गठन के दिए हैं निर्देश : शर्मा
नगर परिषद नालागढ़ के ईओ सुधीर शर्मा ने कहा कि पार्षदों को वार्ड स्तरीय कमेटी का गठन करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। इनसे रिपोर्ट भी मांगी है। पार्षदों को नियमों के तहत वार्ड सभा का गठन करना होगा जिसके उपरांत वार्ड स्तरीय कमेटी गठित की जाएगी।
आदेशों की जाएगी पालना : वर्मा
नप अध्यक्ष मनोज वर्मा ने कहा कि सरकार के आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित बनाई जा रही। वार्ड स्तर की कमेटियों का जल्द गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वार्ड स्तरीय कमेटियों का गठन जल्द किया जाएगा।