सोलन अस्पताल में खाली पड़ा बच्चों का वाऱ्र्वाड।
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सोलन। जोनल अस्पताल सोलन में चाइल्ड विशेषज्ञ ओपीडी में बच्चों का इलाज बंद हो गया है। अस्पताल में चाइल्ड विशेषज्ञों के दोनों पद खाली पड़े हैं। इस कारण अभिभावकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में दो चाइल्ड विशेषज्ञों के पद रिक्त चल रहे हैं। इसमें से एक डॉक्टर की ट्रांसफर हो गई है और दूसरा डॉक्टर किसी बीमारी के चलते पीजीआई में दाखिल है। एक अन्य डॉक्टर ने सोलन में ज्वाइनिंग तो की है लेकिन वह ऊना भेज दिया है। इस कारण अभिभावकों को बच्चों का इलाज करवाने में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल प्रशासन गंभीर रोगियों को शिमला या फिर चंडीगढ़ रेफर करने को मजबूर है। वहीं कुछ एक लोग निजी क्लीनिकों में बच्चों का इलाज करवाने को मजबूर हैं। काफी समय से जिला के जोनल अस्पताल में चाइल्ड विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है। इसके चलते अस्पताल प्रशासन भी किसी रोगी बच्चे को दाखिल नहीं कर पा रहा। हालांकि हल्की बीमारी से ग्रस्त रोगियों को अस्पताल की ओपीडी में चेकअप कर दवाइयां भी दी जा रही हैं। लेकिन गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को शिमला या फिर चंडीगढ़ रेफर किया जा रहा है। सोलन अस्पताल में सोलन के अलावा सिरमौर और शिमला जिला के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। इसका मुख्य कारण अस्पताल का एनएच से सटा होना है। इन सब जिलों के लिए सोलन अस्पताल नजदीक पड़ता है। लेकिन बच्चों का इलाज न होने के चलते उन्हें आजकल भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
चाइल्ड वार्ड में सिर्फ बेड ही
बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर के न होने से अस्पताल का चाइल्ड वार्ड खाली पड़ा है। इसके चलते पूरे बिस्तर खाली पड़े हैं। हालांकि चाइल्ड वार्ड के बाहर बने नर्स ड्यूटी रूम में बच्चों की हल्की बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। लेकिन बच्चों को गंभीर बीमारी के चलते दाखिल नहीं किया जा रहा। इन्हें वहां से सीधा शिमला या चंडीगढ़ के लिए रेफर किया जा रहा है।
निजी क्लीनिक कूट रही चांदी
अस्पताल में बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण लोगों को मजबूरन निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। जहां पर उनसे भारीभरकम फीस वसूली जा रही है। यह उनके बजट से बाहर है। कुछ लोग शिमला या फिर चंडीगढ़ बच्चों का इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। यह सब लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है। लोगों ने डॉक्टरों की तैनाती की मांग की है।
अधिकारियों को कर दिया है सूचित : गुप्ता
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के एमएस महेश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में चाइल्ड विशेषज्ञ न होने का मामला उनके संज्ञान है। अस्पताल में चाइल्ड विशेषज्ञों डॉक्टरों के दो पद रिक्त पड़े हैं। इसमें से एक की ट्रांसफर हो गई है। दूसरा डॉक्टर गंभीर बीमारी के चलते पीजीआई में दाखिल है। हालांकि अस्पताल के लिए एक अन्य डाक्टर की तैनाती की थी लेकिन वह यहां से ज्वाइनिंग कर डिपुट पर ऊना चला गया है। इसके चलते रोगियों को रेफर किया जा रहा है। इस समस्या को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के लिए आला अधिकारियों को सूचित कर दिया है। जल्द ही डॉक्टर की तैनाती हो जाएगी।