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भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ पार्टी नेताओं ने निजी होटल में की गुप्त मंत्रणा

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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन।
भाजपा की ओर से डॉ. राजेश कश्यप को उम्मीदवार बनाने का विरोध शुरू हो गया है। भाजपा का एक धड़ा हाईकमान को इस निर्णय पर पुनर्विचार के लिए बाध्य करने की तैयारी में है। डॉ. कश्यप को उम्मीदवार घोषित होने के बाद नाराज खेमे ने सोलन के एक निजी होटल में गुप्त बैठक कर रणनीति पर चर्चा की।
ये गुट बैठक में इस बात पर भी मंथन करता रहा कि भाजपा टिकट नहीं बदलती है तो ऐसे हालात में आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरा जाए या नहीं। बैठक में करीब बीस लोग शामिल थे। इनमें ऐसे चेहरे भी हैं जिन्होंने पार्टी से टिकट की मांग रखी थी। गौरतलब है कि डॉ. राजेश कश्यप कांग्रेस उम्मीदवार कर्नल धनी राम शांडिल के दामाद हैं। इस बात को मुद्दा बनाकर ये खेमा आगे की रणनीति बनाने में लगा है। इसके साथ ही लोगों में पैठ न होने और हाल ही में सरकारी सेवा छोड़कर आने जैसी बातों पर भी चर्चा की जा रही है। गुपचुप बैठक में लगे नेता एक या दो दिन में अपने पत्ते खोल सकते हैं।
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गौरतलब है कि सोलन विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की टिकट को लेकर शुरू से मतभेद चलते रहे हैं। पहले एक धड़े के दो नेताओं पर सर्वेयर को गलत रिपोर्ट देने के आरोप लगे। इससे उनकी टिकट हासिल करने की रणनीति खराब हो गई। इसके बाद टिकट की प्रबल दावेदार मानी जा रही कुमारी शीला के खिलाफ भी जाति बम फोड़ा गया। इससे भाजपा हाईकमान ने उन्हें टिकट देने से किनारा कर लिया। जबकि सर्वे और अन्य सभी आधार को पीछे छोड़ पार्टी हाईकमान ने डॉ. राजेश कश्यप को टिकट सौंप दी। उन्हें नौकरी छोड़े हुए सिर्फ तीन महीने हुए हैं। बहरहाल, भाजपा की इस गुप्त बैठक की चर्चा तो बाहर नहीं आ पाई है। लेकिन तय है कि बैठक में शामिल लोग किसी एक नेता को आजाद प्रत्याशी के तौर पर उतार सकते हैं।
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