केंद्रीय वाणिज्य मंत्री की वीडियो कांफ्रेंसिंग से उद्यमियों का किनारा
चार हजार में से सम्मेलन में पहुंचे बीबीएन के केवल पांच उद्यमी
कहीं नोटबंदी व जीएसटी का असर तो नहीं
आज तक नहीं हुआ केंद्र के नियमों का सरलीकरण, इसलिए थे नाराज उद्यमी
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री डॉ. सुरेश प्रभु ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सोलन के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया। इसका कार्यक्रम बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के झाड़माजरी स्थित हाल में रखा था। हैरानी की बात तो यह है कि इस उद्योग सम्मेलन में बीबीएन के चार हजार उद्यमियों में मात्र पांच पहुंचे जिससे तरह तरह के सवाल उठने स्वाभाविक हैं। ऐसा तो नहीं कहीं मोदी सरकार की नीतियों से उद्यमियों का मोह भंग हो चुका हो या इसलिए कि मार्च में आचार संहिता लगने वाली है तो वहां जाकर क्या करना। वैसे भी मोदी सरकार ने उद्योगों के लिए जो नीतियां तैयार की हैं, उसमें कारखाने लगाने और मुश्किल होते जा रहे हैं। आज अगर फार्मा उद्योग हिमाचल में लगाना है तो यो किसी युद्ध से कम नहीं है, दूसरी ओर केंद्र सरकार प्रचारित कर रही है कि नीतियों का सरलीकरण किया है। कार्यक्रम का आयोजन पीएचडी चैंबर ऑफ कॉर्मस ने किया। उद्यमियों ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु की वीडियो कांफ्रेंस से किनारा करना ही मुनासिब समझा। तीन बजे शुरू हुए कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विक्रम बिंदल कार्यक्रम का समाप्त होने से मात्र पांच मिनट पहले पहुंचे।
पीएचडी चैंबर से हमारा वास्ता नहीं : शैलेष
बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष ने कहा कि यह पीएचडी चैंबर ऑफ कॉर्मस संस्था का निजी कार्यक्रम था। इन्होंने किस विषय में वीडियो कांफ्रेंसिंग रखवाई थी, उन्हें मालूम नहीं था। उन्होंने सिर्फ बैठक कक्ष किराए पर दिया था। भीड़ जुटाने का जिम्मा उनका नहीं था।
हमें सूचना ही नहीं मिली : डॉ. राजेश गुप्ता
एचडीएमए के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना ही नहीं मिली तो क्या करें। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पांच साल में फार्मा उद्योगों के पंजीकरण के लिए नीतियों को और ज्यादा कठिन कर दिया जिससे उद्योग लगाना मुश्किल हो गया है। मोदी सरकार का इज टू डू बिजनस का सपना साकार नहीं हो सका।
डेढ़ बजे मिली सूचना : कंसल
लघु उद्योग भारती के राज्य महामंत्री राजीव कंसल ने कहा कि सुरेश प्रभु का कार्यक्रम तीन बजे था। उन्हें डेढ़ बजे सूचना मिली जबकि यह सूचना तीन दिन पहले मिलनी चाहिए।
सबको सूचना दी थी : पीएचडी
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉर्मस के संयोजक संदीप कुमार ने कहा कि हमने सब उद्योग संगठनों के पदाधिकारियों को बाकायदा सूचना दी थी। उन्होंने शायद अपने सदस्यों को आगे नहीं बताया होगा।