परवाणू (सोलन)। यूनियन विवाद से परवाणू का व्यापारी वर्ग व स्थानीय लोग दहशत में हैं। परवाणू के उद्योगों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है।
मंगलवार को परवाणू के बालाजी उद्योग में परवाणू उद्योग संघ की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान संघ के महासचिव सार्थक तनेजा ने कहा कि परवाणू में आए दिन माहौल बिगड़ता जा रहा है। इसका व्यापक असर परवाणू के लोगों के साथ उद्योगों पर भी पड़ रहा है।
बिगड़ते माहौल को देखते हुए उद्योग संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस विषय पर बातचीत के लिए समय देने की मांग की है ताकि कोई हल निकाला जा सके। सार्थक ने कहा कि परवाणू में कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस नाकाम हो रही है। इससे यहां डर का माहौल पैदा हो गया है। हालांकि सरकार धर्मशाला में उद्योगपतियों की बैठक का आयोजन करने जा रही है ताकि हिमाचल में नए उद्योग आएं व लोगों को रोजगार का अवसर मिल सके।
लेकिन, जिस तरह के हालात परवाणू में कानून व्यवस्था को लेकर चल रहे हैं उसे देखते हुए लोगों की रुचि हिमाचल के लिए कम हो रही है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहीं हिंसक झड़पों से परवाणू में दहशत का माहौल है। इस कारण मजबूरन कई उद्योग यहां से पलायन करने को तैयार हैं। जोकि परवाणू की औद्योगिक इकाई के लिए चिंता का विषय है। सरकार के लिए भी सवालिया निशान है।
यूनियन के विवादों के चलते उद्योगों को कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। अन्य राज्यों के मुकाबले परवाणू के भाड़े बहुत अधिक हैं, इन सब बातों की चर्चा के लिए उद्योग संघ मुख्यमंत्री से समय लेकर जल्द बातचीत करेगा। इस अवसर पर माईक्रोटेक के संचालक राजीव जैन, फोर्ज इंडिया से अलोक शर्मा, पुलकित इंडस्ट्रीज से गगन कपूर, दिव्या सेल्स से राकेश भाटिया, एमटी ऑटोक्राफ्ट से अनिल सहगल व अन्य उद्योगपति मौजूद रहे।