प्रशासन की सख्त हिदायतों के बावजूद सोलन में पानी के मुख्य स्रोत अश्वनी खड्ड की सहायक खड्डों पर पर्यटक और कुछ शरारती तत्व सरेआम गंदगी फैला रहे हैं। यही नहीं मौज मस्ती के लिए खड्ड के तेज बहाव से भी अठखेलियां करने से बाज नहीं आ रहे।
सोलन में पीलिया रोग का कारण बन चुकी अश्वनी खड्ड से मिलने वाली शिल्ली खड्ड में शनिवार को कुछ ऐसा ही हुआ। 12 युवक अश्वनी खड्ड की सहायक शिल्ली खड्ड के पुल के पास पानी की झरना देखने खड्ड में उतर गए। जैसे ही वह खड्ड के बीच में पहुंचे तो ऊपरी क्षेत्रों में बारिश के चलते पानी का बहाव अचानक बढ़ गया और सभी बीच मझधार में फंस गए। पुल पर खडे़ एक व्यक्ति ने सूचना दमकल विभाग और पुलिस को दी। बचाव दल रवाना हुआ लेकिन बीच रास्ते ही उन्हें सूचना देने वाले का फोन आ गया कि एक दूसरे का हाथ पकड़ कर सभी युवक सही सलामत खड्ड के पार पहुंच गए हैं। लेकिन मौके पर पहुंची पुलिस ने 12 युवकों को नामजद किया है। साथ ही सख्त हिदायत देते हुए छोड़ दिया।
स्पॉट पर मौसम साफ था बारिश भी नहीं
शनिवार सुबह शिमला-सोलन में बारिश होने पर पानी शिल्ली खड्ड में मिलता है। आगे जाकर यही खड्ड अश्वनी में मिलती है। सुबह से स्पॉट पर किसी तरह की बारिश नहीं थी। हालांकि यहां धूप खिली थी। इसे देखते हुए युवकों ने खड्ड में उतरने का फैसला लिया। पानी का बहाव एक दम से बढ़ गया और वह फंस गए। उधर इस मौके पर प्रशासन की ओर से तहसीलदार जेएल चौहान, सब इंसपेक्टर जोगेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवकों के बयान कलमबद्ध किए और हिदायत देते हुए छोड़ दिया।
स्टोरी टू
लाइव : कौन करता है प्रशासन की हिदायतों पर गौर
सोलन जलजनित रोगों के लिए संवेदनशील है। हाल ही में अश्वनी खड्ड के गंदे पानी से पीलिया के प्रकोप की जकड़ से सोलन संभला है। इसके बाद प्रशासन ने अश्वनी खड्ड के इर्द गिर्द और सहायक नदियों में गंदगी फैलाने वालों पर शिकंजा कसते हुए सख्त हिदायतें दी। सूचनाएं जारी करते हुए खड्डों के किनारे दुकानें और हट् लगाकर व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया। लेकिन शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे नजारा कुछ और ही दिखा। अश्वनी खड्ड के किनारे दुकानें सजी थीं। पर्यटक नदी में उतरकर गंदगी फैला रहे थे। बरसात का मौसम होने के चलते इस नदी का उफान बढ़ जाता है। लेकिन सभी इससे बेपरवाह थे और कुछ लोगों का कारोबार चमक रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना इस खड्ड में मोज मस्ती के लिए पर्यटक और कुछ युवा आते हैं। इस नदी में नहाते है जो कि जोखिम भरा है।
हाथ पकड़कर कर बाहर निकले
दमकल विभाग के स्टेशन फायर आफिसर महेश शर्मा ने कहा कि वह बीच रास्ते में थे कि उन्हें सूचना देने वाले ने ही बताया कि फंसे 12 युवक एकदूसरे का हाथ पकड़कर नदी के बाहर आ गए हैं। उन्होंने हिदायत दी है कि खड्ड का तेज बहाव जान के लिए जोखिम साबित हो सकता है। इस दौरान दमकल विभाग की टीम में लीडिंग फायरमैन सुभाष चंद, फायरमेन पवन कुमार और रणबीर सिंह मौजूद रहे।
मामले की होगी जांच : राकेश कंवर
डीसी डॉ. राकेश कंवर ने कहा कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच होगी। कहा कि गिरि और अश्वनी को फीड करने वाले वाटर कैचमेंट एरिया के इर्द गिर्द किसी तरह की दुकानें सजाने पर प्रतिबंध हैं। सैलानियों को भी इस एरिया में उतरने की मनाही है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछा जाएगा।