सोलन। आबकारी एवं कराधान विभाग के दक्षिण प्रवर्तन परवाणू ने शिमला के एक पेट्रोल पंप को सवा दो करोड़ रुपये का टैक्स और ब्याज लगाया है। इस बात की पुष्टि राज्य कर एवं आबकारी दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र परवाणू के संयुक्त आयुक्त डॉ. सुनील कुमार ने की है। उन्होंने बताया कि दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र को सूचना मिली थी कि 2013 -14 से 2018-17 के दौरान पेट्रोल पंप के मालिक ने अपनी बिक्री का एक बड़ा हिस्सा छुपा लिया। विभाग को कोई भी वैट अदा नहीं किया। पेट्रोल पंप मालिक सारा सामान को प्रदेश के बाहर से आयात करता था।
विभागीय बैरियर पर प्रत्येक सामान के वितरण को दर्ज किया जाता था। गुप्त सूचना पर विभाग ने पंप के मालिक को परवाणू बुलाया गया। जांच में पता लगा कि आरोपी पेट्रोल पंप मालिक ने प्रत्येक वर्ष में लगभग 2-3 करोड़ रुपये के कारोबार को छिपाया था। पेट्रोल पंप की वार्षिक बिक्री 8 से 9 करोड़ रुपये थी। चार वर्षों में पेट्रोल पंप की कुल बिक्री 35 करोड़ थी। इसमें से नौ करोड़ पर टैक्स की अदायगी नहीं की गई थी। पेट्रोल पंप मालिक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और लेखा शाखा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने बताया कि मालिक ने सवा दो करोड़ में से 40 लाख सरकारी खजाने में जमा करवा दिए हैं और शेष राशि के लिए दो माह का समय मांगा है। अब मालिक को जुर्माने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। इससे मालिक को तीन करोड़ का जुर्माना भी लग सकता है। डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि इससे पहले भी दक्षिण प्रवर्तन क्षेत्र ने शिमला एक पेट्रोल व्यापारी को लगभग 1.28 करोड़ का टैक्स और जुर्माना लगाया था। उन्होंने बताया कि इस केस में राज्य कर व आबकारी अधिकारी विनीत शर्मा ने मामला निपटाने में अहम भूमिका अदा की है।