जमीन के विवाद को लेकर बैठक में सेना और प्रशासन में समझौता, दोनों के बीच होगी जमीन की अदला बदली सेना को 3451 वर्ग मीटर जगह देगा प्रशासन
बदले में प्रशासन मिलेगी 2307 वर्ग मीटर जगह
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
पार्किंग को लेकर विवादित स्थल का समाधान सेना और प्रशासन ने तलाश लिया है। दोनों के बीच हुए समझौते के मुताबिक सेना जिला प्रशासन को 2307 वर्ग मीटर जगह देगी। इसके एवज में प्रशासन सेना को 3451 वर्ग मीटर जगह देगा। इस बारे में औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। दोनों की रजामंदी के बाद सोलन शहर में पार्किंग जैसे बड़े मुद्दे के समाधान की उम्मीद जगी है। जमीन की अदला बदली के बाद अब जल्द ही पार्किंग स्थलों का निर्माण होगा। शुक्रवार को प्रशासन और सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। देर शाम तक चली इस बैठक में अहम फैसले लिए गए। अतिरिक्त दंडाधिकारी विवेक चंदेल ने इस बैठक की अध्यक्षता की।
उन्होंने बताया कि प्रशासन बाईपास पर पर्यटन सूचना केंद्र के पास और पुराने बस अड्डे के नजदीक सैन्य प्रशासन भूमि हस्तांतरित करने के लिए चिन्हित की है। औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। एडीएम ने कहा कि सेना को भूमि हस्तांतरण के साथ नियमानुसार अन्य आवश्यक सहायता भी उपलब्ध करवाई जाएगी। सेना की जरूरत को देखते हुए सोलन बाईपास पर सेना के वाहनों के लिए मापदंडों के अनुरूप संपर्क मार्ग और बाईपास पर वाहनों की निर्बाध आवाजाही के लिए रास्ता उपलब्ध करवाया जाएगा।
सैन्य क्षेत्र के मार्ग की चौड़ाई सात मीटर हो : मेजर
मेजर एनएस नगरकोटी ने सैन्य प्रशासन का पक्ष रखते हुए विभिन्न मामलों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि आपाताकालीन स्थिति के दृष्टिगत भारतीय सेना को राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही के लिए समुचित स्थान उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। कहा कि सेना इंजीनियरिंग सेवा के मापदंडों के अनुसार राजमार्ग से सैन्य क्षेत्र को जाने वाले संपर्क मार्ग की चौड़ाई सात मीटर होनी चाहिए। पुराने बस अड्डे के पास जिला राजस्व विभाग तथा सैन्य प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से 19 जनवरी को की निशानदेही की रिपोर्ट उपलब्ध करवाने की मांग की।
प्रशासन कर रहा औपचारिकताएं पूरी : एडीएम
एडीएम विवेक चंदेल ने कहा कि सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। जमीन प्रशासन को हस्तांतरित होते ही सोलन शहर में पार्किंग की समस्या का हल निकल आएगा। सैन्य प्रबंधन और जिला प्रशासन सकारात्मक ऊर्जा के साथ इस मामले में काम कर रहा है। नियमों को ध्यान में रखते हुए सेना को जमीन उपलब्ध करवाई जा रही है।
सेना को बाईपास पर मिलेगी जमीन
प्रशासन सेना को बस स्टैंड में जमीन छोड़ने के बदले में बाईपास पर पर्यटन सूचना केंद्र के पास जमीन उपलब्ध करवाएगा। सैन्य छावनी के साथ फोरलेन से सटी यह जगह करीब 3451 वर्ग मीटर होगी। इस जगह से सेना का रास्ता भी खुलेगा। इसके एवज में सेना पुराने बस अड्डे के पास 2307 वर्ग मीटर सैन्य भूमि को प्रशासन के लिए खाली करेगा।