सोलन। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला इकाई के चुनाव वीरवार को सोलन में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वित्त सचिव नंदलाल की अध्यक्षता में हुए। इसमें दिनेश गुप्ता को पर्यवेक्षक बनाया गया था। महामंत्री एनआर ठाकुर भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर सर्वसम्मति से जेके ठाकुर को प्रधान, सतपाल राणा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, रामलाल को महामंत्री, परविंद्र शर्मा को कोषाध्यक्ष, चमन शर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, मदन लाल और नीलकंठ को उपाध्यक्ष, शिवानी ठाकुर, शशि पाल, वीरेंद्र ठाकुर और होशियार सिंह चंदेल को संयुक्त सचिव चुना गया। चुनाव प्रक्रिया में 200 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव एनआर ठाकुर ने कहा कि सरकार और कर्मचारी महासंघ के बीच बैठकों का दौर दोबारा से शुरू होगा। एनआर ठाकुर ने बताया कि 13 मई को कांगड़ा में अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की बैठक होगी। इसमें प्रदेशाध्यक्ष के नाम पर सहमति बनाई जाएगी। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष के नाम का भी ऐलान होगा। बैठक में संयोजक जेके ठाकुर, वित्त सचिव देवी दत्त तनवर, उपाध्यक्ष अनूप भारद्वाज, प्रदेशाध्यक्ष आयुर्वेदा सूरज नेगी, धर्मेंद्र कंडाघाट, सतपाल राणा और जय कृष्ण ठाकुर मौजूद रहे।
पैराशूटी नेताओं को नहीं
मिलेगी मान्यता : ठाकुर
सोलन। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महासचिव एनआर ठाकुर ने कहा कि फेडरेशन ठेके पर नहीं चल रही जिसकी कमान किसी को भी सौंप दी जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग सालभर गतिविधियों और कर्मचारी हित से जुड़े रहे हैं असल में महासंघ को चलाने का अधिकार भी उन्हें ही मिलेगा। समांतर महासंघ के पदाधिकारी यदि उनके साथ जुड़ना चाहेंगे तो उनका स्वागत है। लेकिन वे किसी पद के मकसद से आएंगे तो स्वीकार नहीं किया जाएगा। महासंघ में आने वाले सभी कर्मचारी कार्यकर्ता की भावना से जोड़े जाएंगे। उन्हें खुद को साबित करना होगा उसके बाद ही पदभार के बारे में विचार किया जा सकता है। फेडरेशन में किसी भी पैराशूटी पदाधिकारी को मान्यता नहीं मिलेगी। कुछ लोग समांतर संगठन चलाना चाहते हैं।
वे सिर्फ एनजजीओ फेडरेशन को तोड़ने का विश्वास रखते हैं लेकिन उनके पास कर्मचारियों के साथ की ताकत नहीं है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ में कुल 1.67 लाख कर्मचारी पंजीकृत हैं। इनमें से करीब 96 हजार कर्मचारी ठाकुर गुट की सदस्यता ले चुके हैं। महासंघ के गठन को लेकर जमीनी स्तर से काम हुआ है। तीन जिलों में चुनाव प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ बदले की भावना से काम नहीं करेगा।