सोलन। राजधानी शिमला में इस साल में पीलिया से हुई पहली मौत के बाद अब सोलन में भी अलर्ट जारी हो गया है। प्रशासन ने अपने मुख्य पेयजल स्रोतों सहित स्टोरेज टैंकों की सफाई कार्य जोरशोर से शुरू कर रखा है। प्रशासन ने अब पीलिया रोग से बचाव के लिए लोगों को अपनी पेयजल टंकियां साफ करवाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हिदायत दी है कि यदि वह अपने टैंकों को स्वयं साफ नहीं कर सकते तो वह आईटीआई सोलन या फिर नगर परिषद से इसमें मदद ले सकते हैं। इसके बदले लोगों को इसका भाड़ा चुकाना पड़ेगा।
पिछले साल शिमला सहित सोलन शहर में सैकड़ों लोग पीलिया की चपेट में आए थे। शिमला और सोलन शहर समेत अन्य क्षेत्रों में करीब तीन दर्जन लोग पीलिया की वजह से मारे गए थे। अकेले शिमला में पांच हजार और सोलन शहर में सैकड़ों लोग पीलिया की गिरफ्त में आए थे। दोनों शहरों का संबंध भी पीलिया को लेकर गहरा है। शिमला होकर निकलने वाली अश्वनी और गिरि खड्डें आगे सोलन होते हुए निकलती हैं। दोनों शहरों को इन खड्डों पर बनी परियोजनाओं से पानी उठाया गया है।
पीलिया का मुख्य कारण पेयजल योजनाओं को दूषित होना बताया गया था। इसके बाद प्रशासन ने पीलिया को लेकर संवेदनशील पेयजल योजनाओं को कुछ समय के लिए बंद भी किया था। अब शिमला में पीलिया से हुई मौत के बाद जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। नगर परिषद, आईपीएच द्वारा अपने मुख्य पेयजल स्रोतों सहित स्टोरेज टैंकों की सफाई की जा रही है।
टंकियां साफ करवाने का यह रहेगा शुल्क
प्रशासन ने लोगों के निजी पेयजल भंडारों को साफ करने की हिदायत दी है। लोग नप सहित आईटीआई सोलन से प्रशिक्षित प्लंबरों से भी यह कार्य करवा सकते हैं। इसकी सफाई के लिए पिछले साल से जिला प्रशासन ने टंकियां साफ करवाने का शुल्क तय किया है। इसमें एक हजार लीटर टंकी की सफाई के लिए 400 रुपये और 500 लीटर की टंकी की सफाई के लिए तीन सौ रुपये शुल्क निर्धारित किया है। टंकी की सफाई करवाने से लोगों को पीलिया रोग फैलने का भय नहीं रहेगा।
टंकियों की सफाई करवाएं लोग : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष बीआर नेगी ने बताया कि पिछले वर्ष भी इस मौसम में पानी के कारण पीलिया फैला था। लेकिन इस वर्ष पीलिया से बचने के लिए प्रशासन पहले से ही अलर्ट हो गया है। नप ने पेयजल स्रोतों की सफाई करवा रही है। शहर के मुख्य स्टोरेज टैंकों की भी सफाई करवाई जा रही है। उन्होंने लोगों से भी अपनी पानी की टंकियां साफ करवाने को कहा है। कहा कि यदि उनसे स्वयं सफाई का कार्य नहीं होता है तो वह आईटीआई से प्रशिक्षित प्लंबर से यह कार्य करवा सकते हैं।
यह हैं पीलिया के लक्षण
-रोगी को बुखार होना
- भूख न लगना
- जी मिचलाना और उल्टियां होना
- आंखों और नाखूनों में पीलापन होना
- पेशाब का पीला आना
- अत्याधिक थकावट होना
बचाव के उपाय
-उबला पानी पीना
- लक्षण का पता चलते ही डाक्टरी इलाज करवाएं
- भरपूर आराम करें
- समय-समय पर डॉक्टरी जांच करवाएं
- अच्छी तरह साबुन से हाथों को धोएं
इनका करें सेवन
पीलिया के दौरान चावल, दलिया, खिचड़ी, शकरकंद, पपीता, चीकू, छाछ और मूली का सेवन करना फायदेमंद साबित होता है। लिहाजा फल अधिक पके न हो और सेवन से पहले अच्छी तरह से साफ करना न भूलें।
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन एमएस डॉ. महेश शर्मा