रेंट प्रोसेसिंग शुल्क हटाने पर लघु उद्योगों को राहत : कौशिक
औद्योगिक प्लाटों में रियायतों से बढे़गा निवेश
लघु उद्योग भारती ने जयराम सरकार के निर्णय सराहे
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। जयराम सरकार की ओर से उद्योग हित में लिए गए निर्णयों और नियमों में किए गए सरलीकरण से राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा। यह बात मंगलवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए ग्राम शिल्पी उद्यमी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नेत्र प्रकाश कौशिक और लघु उद्योग भारती के प्रदेश महामंत्री राजीव कंसल ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने प्रोत्साहन सहायता, छूट और हिमाचल प्रदेश औद्योगिक इकाई सुविधाएं 2011 से संबधित नियमों में आवश्यक संशोधन करने को मंजूरी प्रदान की है जो कि एतिहासिक है। सरकार ने रिन्यूल के समय वसूली जा रही फीस भी पचास फीसदी कम कर दी है। प्रदेश महामंत्री राजीव कंसल ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों से सरप्लस प्लाट को किराये पर दिए जाने पर हजारों रुपये प्रोसेसिंग फीस और दो रुपये प्रति वर्ग फुट किराया देना पड़ता था को मुख्यमंत्री जयराम ने माफ कर दिया है जो कि एतिहासिक निर्णय है। अब विभाग के प्लाट को उद्यमी विभाग को बिना कोई किराये में हिस्सा दिए आगे दे सकता है। यह मांग लघु उद्योग भारती लंबे समय से उठाती रही है। इसके कारण प्रदेश में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के निवेश के लिए नया द्वार खुलेगा। अब कोई भी युवा अपना काम सरप्लस एरिया में बिना कोई शुल्क दिए शुरू कर सकता है। लघु उद्योग भारती ने कहा कि इससे जहां युवाओं का स्वरोजगार के प्रति रुझान बढे़गा वहीं रोजगार का भी सृजन होगा। इस अवसर पर बद्दी इकाई के महामंत्री और कांगड़ा जिला प्रभारी आलोक सिंह और बद्दी उपाध्यक्ष चेतन नागर भी उपस्थित थे। वहीं दूसरी ओर मैहतपुर इकाई के संयोजक अनिल स्पाटिया ने कहा कि सरकार के इस निर्णय का लाभ प्रदेश के लगभग एक हजार लोगों को मिलेगा जिनके पास सरप्लस एरिया है। अनिल स्पाटिया ने कहा कि छह माह के कार्यकाल में यह जयराम सरकार का ऐतिहासिक कदम है।