सोलन। हड़ताल पर चल रहे राष्ट्रीय एंबुलेंस स्टाफ के सभी कर्मचारियों ने ड्यूटी पर वापसी कर ली है और 108-102 सेवा चलाने का जिम्मा दोबारा से उठा लिया है। वीरवार को सुबह से ही इन चालकों की ओर से गाड़ियों को चलाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। इसके चलते लोगों को यह सुविधा सुचारु रूप से मिलना शुरू हो जाएगी। जानकारी के अनुसार सोलन में हड़ताल पर गए 34 ईएमटी के साथ 38 पायलटों ने वापसी कर 108 को चलाने कर जिम्मेदारी उठाई है। इसी के साथ 102 को चलाने के लिए हड़ताल पर गए सात कप्तान अपनी वापसी कंपनी में कर चुके हैं। इन लोगों ने 102 को चलाने का काम शुरू कर दिया है।
जीवीके कंपनी की कुल 27 गाड़ियां वीरवार सुबह 8:00 बजे से सड़कों पर दौड़ चुकी हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। हड़ताल पर गए इन कर्मचारियों की वजह से सोलन में जीवीके कंपनी का बाहरी राज्य राजस्थान जीवीके से 108 को चलाने के लिए मदद लेनी पड़ी थी। उन्होंने रात्रि के समय में होमगार्ड चालकों के साथ अपनी सेवाएं मुहैया करवाई थीं। इसी के चलते कंपनी ने राजस्थान के अलावा उत्तराखंड, गुजरात, यूपी जैसे राज्यों से मदद लेने की पूरी तैयारी थी।
राजस्थान से बुलाए थे पायलट और ईएमटी
हड़ताल के दौरान सोलन जीवीके कंपनी ने राजस्थान जीवीके से ट्रेंड 20 ईएमटी के साथ तीन पायलटों को 108 को चलाने के लिए तैनात कर दिया था। जो रात के समय में ड्यूटी दे रहे थे। इस दौरान रोजाना करीब 30 आपात सेवाएं दी गईं। आरबीएफके की गाड़ियों में गर्भवती महिलाओं को घर तक छोड़ा गया।
वापस लौटे सभी ईएमटी और पायलट
सोलन जीवीके के जिला प्रभारी रजनीश पाल ने बताया कि सोलन जिला में हड़ताल पर चल रहे सभी 34 ईएमटी के साथ 38 पायलटों ने कंपनी में वापिस ज्वाइन कर लिया है। उन्होंने बताया कि 102 को चलाने वाले सात कप्तान भी वापिस आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को 18 गाड़ियां 108 और 102 सहित सड़कों पर दौड़ चुकी हैं। कंपनी ने बर्खास्त किए कर्मचारियों को भी वापिस काम पर रख लिया है। रजनीश ने बताया कि हड़ताल के दौरान जो ईएमटी और तीन पायलट राजस्थान जीवीके से बुलाए गए थे, उन्हें वापस भेज दिया जाएगा।