सोलन। राष्ट्रपति के काफिले में शामिल राष्ट्रीय एंबुलेंस के हांफने का मामला तूल पकड़ गया है। सेवा प्रदाता कंपनी ने एंबुलेंस ड्यूटी पर तैनात दो चालकों और एक फार्मासिस्ट से तीन दिन में इसका जवाब मांगा है। जवाब के आधार पर कंपनी कार्रवाई अमल में लाएगी। कंपनी ने तमाम परीक्षण के बाद एंबुलेंस को राष्ट्रपति की ड्यूटी में लगाया था। लेकिन ऐन मौके पर वो स्टार्ट ही नहीं हो पाई। इस वजह से अब राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा की फजीहत हो रही है।
कंपनी प्रबंधन ने मंगलवार को तीनों कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सोमवार को नौणी विवि के डॉ. एलएस नेगी सभागार की पार्किंग में खड़ी एंबुलेंस को राष्ट्रपति के काफिले के साथ करीब 400 मीटर दूर हेलीपैड तक जाना था। लेकिन स्टार्ट न होने से एंबुलेंस काफिले में सबसे पीछे छूट गई। राष्ट्रपति की गाड़ी लगभग हेलीपैड पहुंच गई थी तब एंबुलेंस सभागार से निकली। इसके लिए दो कर्मचारियों को धक्का लगाना पड़ा। गनीमत यह रही कि सभागार को ऊंचाई पर बनाया है और पार्किंग से बाहर निकलते ही सीधी ढलान है। इसका एंबुलेंस चालक ने फायदा उठाया और गाड़ी कुछ देर धक्का खाने के बाद ढलान में स्टार्ट हो गई। यदि पार्किंग धरातल पर होती तो एंबुलेंस को स्टार्ट करने में मुश्किल हो सकती थी। राष्ट्रपति ड्यूटी में ऐसी एंबुलेंस को लगाने की वजह से कई सवाल उठ रहे थे। प्रशासन ने भी एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी को गाड़ियों को फिट रखने और नियमित रूप से उनका परीक्षण करवाते रहने के निर्देश दे दिए हैं।
गड़बड़ी की हो रही जांच : कंपनी
एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनी के प्रभारी आकाशदीप ने बताया कि एंबुलेंस में तीन कर्मचारी थे। इनमें दो चालक और एक फार्मासिस्ट शामिल हैं। कंपनी ने तीनों को तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। तीनों कर्मचारियों का जवाब आने पर कंपनी प्रबंधन कार्रवाई करेगा। यदि कर्मचारियों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए तो कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कंपनी इस बात का पता लगा रही है कि एंबुलेंस मानव भूल से स्टार्ट नहीं हुई या फिर कोई तकनीकी खराबी आ गई थी।
फिटनेस टेस्ट जरूर होना चाहिए : उपायुक्त
डीसी विनोद कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय एंबुलेंस को फिटनेस टेस्ट के बाद ही राष्ट्रपति ड्यूटी में लगानी चाहिए थी। इसके लिए प्रशासन की तरफ से निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि गाड़ी के अचानक बंद होने के पीछे तकनीकी गड़बड़ी रही है तो उसकी जांच कंपनी प्रबंधन को करनी चाहिए। प्रशासन ने फिलहाल इस बारे में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। लेकिन इस मामले में फिटनेस जांच रिपोर्ट देखने के बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है।